पंचकूला। करोड़ों रुपये की ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। इस सनसनीखेज केस में पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-17 स्थित एक फाइनेंसर के घर पर करीब 10 घंटे तक लंबी रेड कर भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी फाइनेंसर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान मुकेश गोयल सेक्टर-17 निवासी के रूप में हुई है। मामला 5 जनवरी की देर रात दर्ज किया गया, जब सेक्टर-26 निवासी बिजनेसमैन कपिल चावला की शिकायत पर थाना सेक्टर-14 पुलिस ने सेक्टर-17 निवासी मुकेश गोयल के खिलाफ करोड़ों रुपये की ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। केस दर्ज होते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 6 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे आरोपी के घर दबिश दी।
एसीपी विक्रम नेहरा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच-19, महिला थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने रेड की गई। घर में मौजूद सभी परिजनों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए गए और किसी को भी बाहर जाने या बाहर से किसी को अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। सुबह 7:30 बजे शुरू हुई कार्रवाई शाम करीब 6 बजे तक चली। पुलिस ने घर के हर कमरे के साथ-साथ आरोपी की गाडिय़ों की भी गहन तलाशी ली। रेड के दौरान 18 लाख रुपये नकद, करीब 990 ग्राम सोना, चांदी, कई लोगों के चेक, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य अहम कागजात बरामद किए गए। शाम होते-होते क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी मुकेश गोयल को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
-कैसे शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
शिकायतकर्ता कपिल चावला ने पुलिस को बताया कि वह अलीपुर बरवाला में दवाइयों की फैक्ट्री चलाते हैं। कुछ साल पहले व्यवसाय विस्तार के लिए उन्हें फंडिंग की जरूरत पड़ी। बैंक से लोन न मिलने पर एक जानकार के जरिए उनकी पहचान फाइनेंसर मुकेश गोयल से हुई। आरोपी ने 2 प्रतिशत मासिक ब्याज पर रकम देने का वादा किया और सुरक्षा के नाम पर खाली कागजात, उनके व उनके पिता के हस्ताक्षरित चेक और सेक्टर-26 स्थित मकान का एग्रीमेंट अपने नाम करवा लिया। जनवरी से सितंबर 2024 के बीच आरोपी ने किस्तों में 87 लाख रुपये दिए, लेकिन बाद में ब्याज दर बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दी और देरी पर एक लाख रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। दबाव में आकर उन्हें हिमाचल स्थित अपनी फार्मा कंपनी के शेयर आरोपी की पत्नी और बेटे के नाम ट्रांसफर करने पड़े। बाद में पता चला कि आरोपी ने इस कंपनी को अपनी दूसरी कंपनी के नाम पर बैंक में गिरवी रखकर करोड़ो का लोन ले लिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 87 लाख के एवज में अब तक 29 लाख रुपये बैंक के माध्यम से और 1.20 करोड़ रुपये नकद भुगतान कर चुका है। पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा कि 8 नवंबर 2025 को आरोपी ने शिकायतकर्ता को अपने दफ्तर में बंधक बनाकर पीटा और धमकी देकर खाली चेक लिए।
-महिला बैंक अधिकारी की भी शिकायत
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ एक महिला बैंक अधिकारी ने भी गाली-गलौच और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि इस शिकायत की भी अलग से जांच की जा रही है। क्राइम ब्रांच-19 के इंचार्ज मुकेश सैनी ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।