चंडीगढ़। विजिलेंस अधिकारी को 50 लाख रुपये की रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किए पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा की कार से पुलिस को अहम दस्तावेज मिले हैं। यह दस्तावेज पूर्व मंत्री की ओर से अर्जित विभिन्न संपत्तियों से संबंधित बताए जा रहे हैं। विजिलेंस अब उक्त दस्तावेजों की पड़ताल में जुट गई है। विजिलेंस को उम्मीद है कि इन दस्तावेजों से ही बड़ा राज खुलेगा। दूसरी तरफ पूर्व मंत्री को तीन दिन का रिमांड खत्म होने बुधवार विजिलेंस द्वारा अदालत में पेश किया जाएगा।
इससे पहले विजिलेंस अधिकारी को रिश्वत के लिए पचास लाख की रकम व गाड़ी मुहैया करवाने वाले मोहाली के एक नाली बिल्डर को विजिलेंस ने नोटिस भेजकर अपनी स्थिति साफ करने के आदेश दिए थे, लेकिन कंपनी का प्रबंधक मंगलवार को विजिलेंस दफ्तर नहीं पहुंचा। सूत्रों की माने तो वह शहर से बाहर था। उसकी तरफ से विजिलेंस को इस बारे में सूचना दी गई थी। जिसके बाद अब विजिलेंस ने बिल्डर को वीरवार दोबारा पेश होने के आदेश दिए हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार तो विजिलेंस के पास मंगलवार को भी कुछ लोग पहुंचे थे।
उन्होंने मंत्री के खिलाफ कुछ दस्तावेज अधिकारियों को सौंपे है। साथ ही मामले की गहनता से जांच की मांग की है। याद रहे कि मंत्री के खिलाफ विजिलेंस द्वारा आय से अधिक एक शिकायत की जांच की जा रही थी। जब मंत्री को अहसास हुआ कि वह उक्त के स में फंस सकते हैं। इसके बाद उनकी तरफ से केस की जांच कर रहे विजिलेंस अधिकारी को एक करोड़ की रकम ऑफर की थी। साथ ही मांग की थी कि केस से उसका नाम निकाल दिया जाए। हालांकि जैसे ही वह रिश्वत की पचास लाख की किश्त लेक र पहुंचे थे। इस दौरान विजिलेंस ने उन्हें रंगे हाथों काबू कर लिया था।
सारे अधिकार अपने पास रखे थे मंत्री ने, पत्र हुआ वायरल
सुंदर शाम अरोड़ा उद्योग विभाग को भी पूरी तरह से एक निजी कंपनी की तरह ही चला रहे थे। उन्होंने विभाग के हर काम के अधिकार अपने पास रखे हुए थे। 2020 में जब वह उद्योगमंत्री के पद थे, उस समय का उनके द्वारा जारी किया गया एक पत्र मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिससे साफ है कि उद्योग विभाग में अधिकारियों की नियुक्ति और तैनाती से लेकर वाहन खरीदने की सारे अधिकार अपने पास रखे थे। यह पत्र 15 जुलाई 2020 का है। इसमें एक डिटेल आदेश है। अब विजिलेंस उस पत्र भी गहनता से पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में जब विजिलेंस ने पूर्व मंत्री से पूछा तो उसका कहना था कि उसे कुछ पता नहीं है। अधिकारियों को ही इस बारे मेें पता होगा।
पीएसआईसी में पहुंची विजिलेंस, रिकॉर्ड होगा सुरक्षित
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस की एक टीम मंगलवार को पीएसआईसी में पहुंची थी, लेकिन वहां पर दो अधिकारी पहले से ही छुट्टी पर थे। ऐसे में वहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि वहां पर रखे गए दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए विजिलेंस की टीम जुट गई है। क्योंकि मामले में कुछ शिकायतकर्ताओं की दलील थी कि वहां पर रखे रिकॉर्ड से छेड़छाड़ हो सकती है।