चंडीगढ़। एनडीपीएस मामले में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मजीठिया की याचिका पर सुनवाई के दौरान जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने बताया कि याची को जारी समन आदेश वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इस जानकारी को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने मजीठिया की याचिका का निपटारा कर दिया। इससे पहले 18 जून को हाईकोर्ट ने आठ जुलाई तक उन्हें एसआईटी के समक्ष पेश होने से छूट दे दी थी।
याचिका दाखिल करते हुए मजीठिया ने हाईकोर्ट को बताया कि एसआईटी की ओर से भेजे गए समन पूरी तरह गलत हैं। उन्हें बेवजह बार-बार बुलाया जा रहा है। इस पर पंजाब सरकार ने कहा था कि मजीठिया से जो जानकारी मांगी गई है, वह 25 जून तक दे सकते हैं। मजीठिया के वकील की ओर से इस पर भी सवाल उठाए जाने पर सरकारी वकील ने कहा था कि मजीठिया 8 जुलाई के बाद पेश हो सकते हैं।
सरकारी वकील के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 8 जुलाई तक स्थगित कर दी थी। सोमवार को सुनवाई शुरू होते ही पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि एसआईटी ने जो समन आदेश जारी किया था अब उसे वापस लिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि अब इस याचिका का कोई औचित्य नहीं बनता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया है। मजीठिया के खिलाफ 20 दिसंबर, 2021 को एनडीपीएस एक्ट के तहत मोहाली में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में मजीठिया को बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।