हितैषी फाउंडेशन की मुहिम से 27 देहदान, 38 नेत्र और 36 किडनियां दान मृत्यु के बाद भी मानव सेवा का संदेश
अंगदान दिवस पर लोगों से अंगदान, नेत्रदान और देहदान का संकल्प लेने की अपील
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। किसी की जिंदगी बचाना, किसी की आंखों में रोशनी लौटाना और मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा करना अंगदान का सबसे बड़ा संदेश है। इसी उद्देश्य के साथ हितैषी फाउंडेशन पिछले 17 वर्षों से अंगदान, नेत्रदान और देहदान के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है। संस्था के प्रयासों से अब तक 6557 लोगों ने अंगदान, नेत्रदान और देहदान का संकल्प लिया है। इनमें 27 लोगों का मरणोपरांत देहदान, 19 व्यक्तियों के 38 नेत्रों का दान और 18 व्यक्तियों की 36 किडनियों का दान कराया जा चुका है।
अंगदान दिवस के अवसर पर फाउंडेशन ने लोगों से इस महादान से जुड़ने की अपील की। संस्था के चेयरमैन भारत हितैषी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य अंगदान और देहदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और झिझक को दूर करना है।
संकल्प से डोनर कार्ड तक हर कदम पर सहयोग
हितैषी फाउंडेशन केवल लोगों को अंगदान का संकल्प दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में उनका मार्गदर्शन भी करता है। संस्था इच्छुक लोगों के शपथ-पत्र भरवाने के बाद उनका पंजीकरण पीजीआई चंडीगढ़ में करवाने में सहयोग करती है। पंजीकरण के बाद डोनर कार्ड भी संबंधित व्यक्ति के घर तक पहुंचाया जाता है। संस्था के अनुसार पिछले 17 वर्षों में हजारों लोग इस मुहिम से जुड़ चुके हैं।
एक दान, कई जिंदगियों को नई उम्मीद
फाउंडेशन का कहना है कि मृत्यु के बाद दान किए गए अंग कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दे सकते हैं। वहीं नेत्रदान से दृष्टिहीन व्यक्ति की दुनिया रोशन हो सकती है। इसलिए अंगदान केवल एक व्यक्ति की सहायता नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवता का सर्वोच्च उदाहरण है।
भ्रांतियां छोड़ें, अंगदान के लिए आगे आएं
फाउंडेशन के चेयरमैन भारत हितैषी ने कहा कि अंगदान को लेकर आज भी समाज में कई तरह की भ्रांतियां और संकोच मौजूद हैं। इन्हें दूर करने के लिए निरंतर जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन भले समाप्त हो जाए, लेकिन उसके अंग किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद और नई सांसें भर सकते हैं। उन्होंने लोगों से मृत्यु के बाद भी मानव सेवा का हिस्सा बनने के लिए अंगदान, नेत्रदान और देहदान का संकल्प लेने की अपील की।
17 साल की मुहिम एक नजर में
6557 लोगों ने अंगदान, नेत्रदान और देहदान का संकल्प लिया
27 लोगों का मरणोपरांत देहदान हुआ
19 व्यक्तियों के 38 नेत्र दान किए गए
18 व्यक्तियों की 36 किडनियों का दान कराया गया
इच्छुक लोगों का पीजीआई चंडीगढ़ में पंजीकरण कराया जाता है
पंजीकरण के बाद डोनर कार्ड घर तक पहुंचाया जाता है