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पंचकूला: स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के खिलाफ अभियान को बार एसोसिएशन का समर्थन

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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। एचएसवीपी सेक्टरों में भवन निर्माण के नियमों को बार-बार बदलने और स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों की नीति के विरोध में बार एसोसिएशन भी मैदान में आ गई है। अन्य संगठनों के साथ बार एसोसिएशन का कहना है कि वकीलों को भी इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा तो चुप नहीं बैठेंगे। इन लोगों का कहना था कि एक लाख हस्ताक्षर के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा हरियाणा हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन ने एचएसवीपी की इस नीति का जमकर विरोध किया है। रविवार को बार रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष यशवीर मलिक ने कहा कि एचएसवीपी सेक्टरों में भवन निर्माण के नियमों का बार-बार बदला जाना स्थानीय निवासियों के हित में नहीं है। बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए सेक्टरवासियों को परेशान किया जा रहा है। अगर इसी तरह चार मंजिला भवन बनते रहे तो इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि भूकंप की स्थिति में यहां भी तुर्की जैसा मंजर बन सकता है।
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उन्होंने कहा कि किसी भी बदलाव के अच्छे या बुरे नतीजे आने में कम से कम एक से डेढ़ साल लगता है। उन नियमों से बनने वाले भवनों में आने वाली दिक्कतों या सुविधाओं का आकलन किया जाता है। उसके बाद ही कोई बदलाव किया जाता है। मगर एचएसवीपी द्वारा पूर्व में तीन-तीन माह के अंतराल पर संशोधन किया गया। इससे साफ है कि सरकार और एचएसवीपी की मंशा वहां रहने वाले लोगों को लाभ पहुंचाना नहीं था। पंचकूला बार एसोसिएशन ने भी रविवार को कन्फडरेशन के अभियान को अपना समर्थन दिया है। इस दौरान बार एसोसिएशन के प्रधान जगपाल सिंह, मेजर जनरल रुपेंद्र सिंह, कन्फेडरेशन के जिला कन्वीनर और सेक्टर-28 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह बल्हारा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। यशवीर मलिक ने बताया कि कन्फेडरेशन स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन के नीति के खिलाफ प्रदेश के 18 जिलों में हस्ताक्षर अभियान चलाए हुए है। हर रोज जिलों में बैठक आयोजित की जा रही हैं। मलिक ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण के नियमों में बदलाव करते समय किसी भी जरूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। इस अवसर पर सेक्टर-28 आरडब्ल्यूए के ज्वाइंट सेक्रेटरी धर्म सिंह, एडवोकेट नितेश मित्तल, नरेश अहलावत, आरडब्ल्यूए सेक्टर-26 के जनरल सेक्रेटरी आरआर पाल भी मौजूद रहे।

प्रभावितों को भी दिया जाए मुआवजा
यशवीर मलिक ने कहा कि स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों की नीति पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। इसके अलावा जहां ये भवन बन गए हैं, वहां प्रभावित लोगों को आकलन के बाद मुआवजा दिया जाना चाहिए। लोगों की हवा और धूप बंद हो गए हैं। मकान के साथ इतनी बड़ी बिल्डिंग खड़ी होने से लोग खुद को असहज भी महसूस कर रहे हैं।
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पब्लिक हेल्थ की तर्ज पर आए सीवरेज और पानी का बिल
यशवीर मलिक ने कहा कि जिन संसाधनों की मदद से नगर निगम या नगर परिषद के क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जाती है, एचएसवीपी सेक्टरों में भी उन्हीं संसाधनों से पानी सप्लाई किया जाता है। इसके बावजूद एचएसवीपी सेक्टरों में पहले से ही पब्लिक हेल्थ की अपेक्षा चार गुना बिल वसूला जा रहा था। अब 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी कर दी गई है। सेक्टरों में भी पब्लिक हेल्थ की दर से पानी सप्लाई किया जाना चाहिए।

जरूरत पड़ी तो लेंगे कोर्ट का सहारा
जिला कन्वीनर मोहिंदर सिंह बल्हारा ने कहा कि यह अभियान शुरू होने के बाद से स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन के लिए धड़ाधड़ मंजूरी एचएसवीपी द्वारा जारी की जा रही हैं। अधिकारी यह गुस्ताखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी अपनी मिलीभगत से बाज नहीं आते और इस मामले को गंभीरता से नहीं लेते हैं तो हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। जब तक मांग पूरी नहीं होती यह आंदोलन जारी रहेगा। अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले में अदालत का सहारा भी लिया जाएगा।

बर्दाश्त नहीं होंगी वकीलों की परेशानी
बार एसोसिएशन पंचकूला के प्रधान एडवोकेट जगपाल सिंह ने कहा कि एसोसिएशन में 1510 वकील हैं। इनमें से सैकड़ों की संख्या में वकील शहर के सेक्टरों में ही रहते हैं। इन सभी समस्याओं का सामना उन वकीलों को भी करना पड़ रहा है। वकीलों की परेशानी पर बार एसोसिएशन चुप नहीं बैठगी। इस अभियान में बार एसोसिएशन कन्फेडरेशन के साथ है।
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