नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपी को पत्नी की डिलीवरी के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। याची को सिक्योरिटी राशि के रूप में 10 लाख जमा करवाने का आदेश दिया है। यह स्पष्ट किया कि यदि उसने 2 जनवरी को समर्पण नहीं किया तो सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली जाएगी।
याचिका दाखिल करते हुए यमुनानगर निवासी राजन ने बताया कि नशा तस्करी मामले में उसे सितंबर में गिरफ्तार किया गया था। उसकी पत्नी गर्भवती है। दिसंबर में डिलीवरी होनी है। ऐसे में याची का पत्नी के पास मौजूद रहना बहुत जरूरी है। उसे 30 दिन की जमानत दी जाए।
याचिका का विरोध करते हुए भारत सरकार व हरियाणा सरकार ने कहा कि यदि याची को जमानत दी गई तो वह केस की जांच को प्रभावित कर सकता है। साथ ही यह भी बताया कि याची के पिता मौजूद हैं जो याची की पत्नी की देखभाल कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याची की पत्नी के पास ऐसे समय में मौजूदगी को जरूरी माना। हाईकोर्ट ने याची को जमानत देते हुए सिक्योरिटी राशि के रूप में 10 लाख जमा करवाने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि 2 जनवरी को शाम 5 बजे तक यदि याची ने समर्पण नहीं किया तो सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली जाएगी। याची को जांच के लिए जब बुलाया जाएगा उसे जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना होगा। साथ ही रोज जगाधरी थाने में जाकर हाजिरी देनी होगी।