चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन ने हरियाणा नंबर के ऑटो को बिना परमिट के सीमा में प्रवेश करने से वर्जित कर दिया है। यदि कोई ऑटो चालक गलती से भी चंडीगढ़ की सीमा में प्रवेश करता है तो उसे चालान के रूप मोटी राशि अदा करनी पड़ रही है। चार दिन में हरियाणा नंबर के 200 से अधिक ऑटो चालकों को चालान किया जा चुका है।
कई ऑटो को चंडीगढ़ पुलिस जब्त भी कर चुकी है। मौजूदा स्थिति ऐसी है कि ऑटो चालक अब चंडीगढ़ की सीमा में प्रवेश करने से डरने लगे हैं। इसका खामियाजा पंचकूला निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। वह पूरा किराया अदा करने के बाद भी पैदल चलने को मजबूर हैं। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन के इस रवैये से पंचकूला ऑटो चालकों में रोष है।
ऑटो चालकों को कहना है कि जब चंडीगढ़ नंबर के ऑटो पंचकूला शहर में बिना किसी रोक-टोक के चल सकते हैं तो फिर उन्हें चंडीगढ़ में प्रवेश करने से क्यों रोका जा रहा है। प्रवेश करने के लिए उनसे परमिट की मांग क्यों की जा रही है।
ऑटो चालकों का कहना है कि पंचकूला पुलिस प्रशासन को भी चंडीगढ़ ऑटो चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। चंडीगढ़ नंबर के ऑटो चालकों के भी परमिट चेक होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस चालक के पास परमिट नहीं है उससे जुर्माना वसूला जाना चाहिए।
चालकों का कहना है कि यदि ऐसा नहीं हो सकता तो उन्हें भी चंडीगढ़ में बिना किसी रोक-टोक से प्रवेश करने दिया जाना चाहिए। ऑटो चालकों ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन के इस रवैये से उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ में प्रवेश वर्जित होने से रोजाना तीन सौ से लेकर पांच सौ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके चलते घर चलाना मुश्किल हो गया है।
पूरा मामला हमारे संज्ञान में है। पिछले दिनों पंचकूला ऑटो यूनियन के सदस्य इकट्ठे हुए थे और उन्होंने हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से भी मुलाकात की थी। हमें उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश का इंतजार है। जैसे ही आदेश मिलेगा हम कार्रवाई शुरू कर देंगे। - महाबीर प्रसाद, इंस्पेक्टर ट्रैफिक पुलिस