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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती : अभ्यर्थियों को धरने की नहीं मिली अनुमति

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पुलिस क्लियरेंस अटकी, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की मांग पर प्रशासनिक अड़चन
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर (इंग्लिश) भर्ती में असफल रहे अभ्यर्थियों का शांतिपूर्ण धरना प्रशासनिक अड़चनों में फंसा हुआ है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि नियमानुसार अनुमति के लिए आवेदन करने और संबंधित विभागों से क्लियरेंस मिलने के बावजूद पुलिस विभाग की ओर से धरने के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है।
11 दिसंबर को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) कार्यालय, सेक्टर-4 पंचकूला के सामने इंग्लिश विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में फेल हुए अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद वे वहीं शांतिपूर्वक धरना देना चाहते थे लेकिन सेक्टर-5 थाना पुलिस ने नोटिस जारी कर पहले प्रशासनिक अनुमति लेने के निर्देश दिए।
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अभ्यर्थियों ने उसी दिन डीसीपी पंचकूला को लिखित आवेदन देकर धरने की अनुमति मांगी। प्रशासन की शर्तों के अनुसार धरने की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए पांच अभ्यर्थियों के एफिडेविट भी जमा कराए गए, लेकिन अब तक पुलिस विभाग की ओर से अनुमति नहीं मिली है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी है।
मामले को लेकर एक अभ्यर्थी विकास ने वीडियो जारी कर प्रशासन पर जानबूझकर अनुमति रोके जाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 24 दिसंबर को पंचकूला में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसके अलावा 18 से 21 दिसंबर तक चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा सत्र भी चल रहा है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन इस दौरान किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दे रहा है।
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विरोध की वजह पर नजर डालें तो एचपीएससी द्वारा इंग्लिश विषय की भर्ती में कुल 2,143 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से केवल 151 सफल हो पाए, जबकि पदों की संख्या 613 है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में 35 प्रतिशत न्यूनतम अंक का मानदंड तय किए जाने से बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार बाहर हो गए। इसी पैटर्न के विरोध में अभ्यर्थी धरना देकर अपनी बात रखना चाहते हैं।
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