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Panchkula News: आशा वर्कर्स को हिरासत में लेकर छोड़ा, आज भाजपा विधायकों के आवास का होगा घेराव

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पुलिस ने बरवाला और मौली में लगाया नाका, एनएचएम कार्यालय पहुंचे डीसीपी ने हालात का जायजा लिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला-बरवाला। लंबित मांगों को लेकर एनएचएम कार्यालय पर प्रदर्शन करने आ रहीं आशा वर्कर्स को पुलिस ने हिरासत में लेकर पंचकूला सीमा पर छोड़ दिया। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाली आशा वर्कर्स को पुलिस ने वीरवार को बरवाला और मौली में रोक दिया। हिरासत में लेने के दौरान आशा वर्कर्स की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। नाराज आशा वर्कर्स का कहना था कि पिछले दिनों 74 दिन चली हड़ताल के दौरान हरियाणा सरकार के साथ लिखित में समझौता हुआ था।
इसकी नोटिफिकेशन भी जारी की गई थी, लेकिन अब हरियाणा सरकार समझौते से मुकर रही है। रोष स्वरूप आशा वर्कर्स एनएचएम डायरेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर समझौते को लागू करने की मांग उठाना चाह रही थी। इस दौरान सभी आशा वर्कर्स को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसका खामियाजा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा को भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा एक मार्च को प्रदेश में सभी जगह भाजपा विधायकों के आवास का घेराव किया जाएगा।
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सुबह से ही आशा वर्कर्स का पंचकूला पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुरक्षा को लेकर पंचकूला सीमा और एनएचएम कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल मौजूद था। पुलिस ने आशा वर्कर्स को जगह-जगह रोककर उनको हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और आशा वर्कर्स में काफी धक्का-मुक्की भी हुई। डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह एनएचएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन को लेकर जिले में धारा 144 लागू लगी हुई है। इसके बाद भी आशा वर्कर्स एकजुट होकर नारेबाजी करती रहीं। सीटू के जिला सचिव लच्छी राम शर्मा ने बताया कि आशा वर्कर्स के साथ किए समझौते को लागू करवाने की मांग को लेकर वीरवार सुबह प्रदेशभर की आशा वर्कर एनएचएम कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहीं थीं। सरकार के इशारे पर पुलिस ने आशा वर्कर्स और सीटू नेताओं को पंचकूला पहुंचने से पहले ही रास्ते में हिरासत में ले लिया। यह निंदनीय है। आशा वर्कर की जिला प्रधान सुमन ने बताया कि वीरवार सुबह से पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर घूम रहे थे। उनकी गाड़ी का भी पीछा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकार है। केंद्र व राज्य सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने बताया कि 1 मार्च भाजपा विधायकों के आवासों की घेराबंदी की पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
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अनहोनी होने पर पुलिस होगी जिम्मेदार
आशा वर्करों को रोकने पर बरवाला, शहजादपुर, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला समेत अन्य जिलों से आ रहीं आशा वर्करों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहीं आशा वर्कर सुमन, सविता, सुषमा, सुशीला, लक्ष्मी, रीना, नीलम ने कहा कि अगर सरकार उनको रास्तों में रोकती है, तो वे वहीं पर धरना देकर प्रदर्शन करेंगी। ऐसे में अगर उनके साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो इसकी जिम्मेदार सरकार की होगी। पुलिस द्वारा लगाए गए नाकों पर बरवाला पुलिस चौकी इंचार्ज, रायपुररानी एसएचओ सुखबीर सिंह, मोली पुलिस चौकी इशारा पाल सिंह, बरवाला पुलिस चौकी इंचार्ज गुरपाल सिंह, राममेहर, विजय कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा
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