चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने विवाहिता के लापता होने के मामले में पति द्वारा दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार के ढुल-मुल रवैए पर जमकर फटकार लागई। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस गंभीर नहीं है और ऐसे में अगली सुनवाई पर संगरूर के एसएसपी खुद हाजिर होकर जवाब दें।
याचिका दाखिल करते हुए संगरूर निवासी खुशप्रीत शर्मा ने एडवोकेट हिमांशु छाबड़ा व नवजोत नारंग के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसकी पत्नी 21 अगस्त 2023 को पटियाला गई थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया और उसके बारे में कोई सुराग नहीं मिला। याची ने पुलिस को मांगपत्र दिया था और पत्नी के नंबर व उसके परिजनों का पता भी दिया था लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। ऐसे में याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया तो पंजाब पुलिस ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि महिला को गायब हुए 6 माह हो चुके हैं और पुलिस हलफनामा दाखिल कर एफआईआर दर्ज होने की बात कह रही है। पुलिस इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर एसएसपी को खुद हाजिर रहने का आदेश दिया है।