पंचकूला। उमस भरी गर्मी बढ़ने से सिविल अस्पताल में उल्टी, दस्त और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में ऐसे ही और अन्य बीमारियों से पीड़ित साढ़े चार हजार मरीज पहुंचे। इनमें अधिकांश गर्मी लगने से ही बीमार बताए गए। साथ ही डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या भी काफी अधिक रही। पंचकूला सिविल अस्पताल के डॉ. सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि पीडियाट्रिक ओपीडी में करीब सौ मरीज बढ़ गए हैं। इसमें बच्चों की ओपीडी में करीब साढ़े तीन सौ मरीज रोजाना आ रहे हैं। इनमें अधिकांश बुखार और डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं। इसमें बच्चों में अधिक समय तक धूप में रहने और पानी का सेवन कम करने से समस्या अधिक बढ़ रही है। ओपीडी में डिहाइड्रेशन के कारण मरीज बेहोशी की हालत में अस्पताल आ रहे हैं। कुछ को भर्ती करने की भी जरूरत पड़ रही है। डायरिया से पीड़ित कई मरीजों के लिवर में सूजन और आंतों में संक्रमण मिल रहा है। ऐसे मरीजों को हल्का खाना खाने और अधिक से अधिक मात्रा में पानी का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। अभयपुर से इलाज कराने आए संतोष कुमार ने बताया कि बच्चे की तबीयत खराब होने के बाद आईसीयू वार्ड में इलाज के बाद राहत मिली है। डिहाइड्रेशन के कारण समस्या हुई थी।
पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड में भर्ती हो रहे बच्चे
पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि पीडियाट्रिक वार्ड में आईसीयू वार्ड में बच्चे भर्ती हो रहे हैं। इसमें रोजाना तीस से आठ साल के बीस बच्चों को ऑक्सीजन लगानी पड़ रही है। इसके बाद वह ठीक हो रहे हैं। इसमें डिहाईड्रेशन के मरीज ज्यादा है। इसके अलावा अभयपुर, बुढनपुर, इंदिरा कालोनी सहित सभी जगह से डायरिया के बच्चे आ रहे हैं। रोजाना डायरिया के करीब 15 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में डायरिया की समस्या अधिक आ रही है। पेट में दर्द और उल्टियां लगने से उनकी हालत खराब है। वातावरण में धूल अधिक होने से गले का संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।
इन बातों का रखें ध्यान
-बच्चे पानी का अधिक से अधिक सेवन करें
-धूप में बाहर न निकलें, सिर पर कपड़ा ढककर और पूरे कपड़े पहनकर बाहर निकलें।
-कटे-फटे फलों का सेवन न करें।
-ताजा खाना खाएं, फास्ट फूड से बचें।
-ओरआरएस का घोल का पानी पिएं।