पंचकूला। नगर निगम ने रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने के दावे किए थे, लेकिन ठंड बढ़ते ही प्रशासन ने इनकी संख्या चार से घटाकर दो कर दी है। हालात यह हैं कि जहां रैन बसेरे बंद किए हैं, वहां लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। अमर उजाला की रियलिटी चेक में यह खुलासा हुआ है।
अमर उजाला ने रात दस से 12 बजे तक दोबारा रैन बसेरों की सुविधाओं की जांच की। इसमें माजरी चौक का रैन बसेरा बंद कर दिया गया है। वहीं सेक्टर-5 बस स्टैंड का रैन बसेरा चल रहा है। अन्य जगहों पर अभी तक रैन बसेरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। ठंड बढ़ने के बाद बेघर लोगों की समस्या भी बढ़ गई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट होने के बाद दिन और रात में गर्मी बढ़ गई है।
पंचकूला में सेक्टर-5 और माजरी चौक में दो दो रैन बसेरे बनाए गए थे। सेक्टर-5 का रैन बसेरा तो चल हा है। इसके बाद माजरी चौक के पास रैन बसेरे शुरू करने की जगह उसके बॉक्स को उठाकर बाहर रखवा दिया गया है। इस कारण यहां रात में सर्द होने के बाद भी लोग बाहर सो रहे हैं। यहां पर अभी तक हालात ठीक नहीं है। शहर के सेक्टर-7, 8, 9, 10 सहित सभी जगह पर लोगों को बाहर सोना पड़ रहा है। माजरी चौक के पास बाहर सो रहे रमेश कुमार ने बताया कि यहां पर रैन बसेरा नहीं है। बनाया गया रैन बसेरा उखाड़ दिया गया है। इस कारण ठंड में बाहर सोना पड़ रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम के रैन बसेरों में लोग नहीं आते हैं। इस कारण रोड किनारे बना रैन बसेरे को उठाया गया है। इसे किसी ऐसी जगह जल्द बनाया जाएगा, जहां पर अधिक लोग आ रहे हैं। जल्द ही इसे उस मार्केट में स्थापित किया जाएगा। - कुलभूषण गोयल, महापौर, पंचकूला नगर निगम