चंडीगढ़। सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी वीरवार को कैबिनेट की वर्चुअल बैठक के दौरान कुछ पलों के लिए डी-लिंक होते ही सुर्खियों में आ गईं। सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि पंजाब मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा के दौरान अरुणा चौधरी नाराज होकर बैठक से चली गईं। हालांकि इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार अरुणा चौधरी कैबिनेट बैठक के दौरान निजी कार्य से कुछ पल के लिए डी-लिंक हुईं थीं। उसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा विभाग के कार्यों संबंधी समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया।
हालांकि इस मामले पर अरुणा चौधरी से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन सीएमओ से मिली जानकारी के अनुसार कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रिमंडल में फेरबदल जैसी कोई चर्चा नहीं हुई और इस वर्चुअल बैठक के दौरान अरुणा चौधरी का लिंक कुछ पलों के लिए कटा था। इसके बाद अरुणा चौधरी ने बैठक में वापसी भी की और कैबिनेट बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के साथ सामाजिक सुरक्षा विभाग बारे बैठक में भी हिस्सा लिया।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों राज्य मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। कथित तौर पर असंतुष्ट बताए जा रहे राज्य के कई मंत्रियों के घरों पर चुनिंदा नेताओं की बैठकों ने इन चर्चाओं को और हवा दी है। दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफे के बाद खाली हुआ उनका पद और एक अन्य सीट खाली हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सीनियर नेता और कुछ विधायक इन दिनों में मुख्यमंत्री पर न सिर्फ यह पद भरने का दबाव बना रहे हैं, बल्कि बगावती तेवर दिखा रहे कुछ अन्य मंत्रियों को भी कैबिनेट से चलता करके नए चेहरों को मंत्री पद देने का दबाव बनाया जा रहा है। इस कड़ी में पिछले मंत्रिमंडल फेरबदल से पहले भी जो चर्चाएं छिड़ी थीं, उनमें अरुणा चौधरी से मंत्री पद वापस लिए जाने की चर्चा भी शामिल थी। हालांकि तब मुख्यमंत्री ने अरुणा के विभागों में ही फेरबदल किया था। अब मंत्रिमंडल फेरबदल की दोबारा चर्चाएं शुरू होने पर, वीरवार को अरुणा चौधरी बिना किसी ठोस कारण के सोशल मी डिया की सुर्खियों में आ गईं।