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Panchkula News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ठगों को बना रहा रिश्तेदार, लगा रहे लाखों की चपत

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही साइबर ठगी के मामले में भी लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे है। साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। कभी बैंक डिटेल, कभी क्रेडिट कार्ड तो कभी टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के झांसा देकर ठगी की जाती है। इसलिए बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। साइबर ठग इसकी मदद ले रहे हैं। साइबर थाना पुलिस में इसमें दो मामले में दर्ज किए हैं। इसमें पंचकूला निवासी बुजुर्गों को रिश्तेदार बनकर लाखों रुपये ठगने का सिलसिला चल रहा है। सेक्टर-12 साइबर थाने में प्रतिदिन साइबर ठगी के ऑनलाइन और ऑफ लाइन करीब 10 मामले आ रहे हैं।

साइबर ठग रिश्तेदार बनकर कर रहे ठगी
साइबर ठग अब लोगों की कमाई पर हाथ साफ करने के लिए कई तकनीक का सहारा ले रहे हैं। रिश्तेदार बनकर साइबर क्राइम का नया ट्रेंड है। जो भी व्यक्ति फोन पर बात करते वक्त या सोशल मीडिया से किसी तस्वीर या वीडियो को साइबर अपराधी ले लेते हैं। उसके बाद टेक्निकल मदद से उसी आवाज में आपके रिश्तेदारों या दोस्तों से बात की जाती है और साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता है। इसी तरह वीडियो कॉल का भी सहारा लिया जाता है। भोले भाले लोग इन कॉल्स को अपने रिश्तेदार या दोस्त का समझकर पैसे दे देते हैं और इस तरह आसानी से ठगी का शिकार हो जाते हैं।
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ऐसे मामलों में जब साइबर ठग कॉल करते हैं तो वे पूछते हैं मेरी आवाज पहचानी या रिश्तेदार का नाम लेता है। उसे रिश्तेदार समझकर लोग रुपये दे देते हैं। जब भी ऐसा कोई कॉल या वीडियो कॉल आए तो उसे क्रॉसचेक जरूर करें। अपने उस रिश्तेदार या दोस्त के नंबर पर कॉल कर उससे बात कर संपर्क साधें और सच्चाई का पता लगाएं। - मनप्रीत सिंह, एएसपी


- अन्य साइबर फ्रॉड से भी रहे सावधान

बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को अन्य लोगों से साझा न करें, बैंकिंग के लिए अलग से नंबर रखें

किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कोई एप डाउनलोड न करें

ऑफर, कैश बैक या डिस्काउंट आदि के लिए कूपन कोड या अन्य लालच में न फंसें
ऑनलाइन कस्टमर केयर सर्च करने की बजाए आधिकारिक वेबसाइट से नंबर लें

ऑनलाइन ठगी और बैंकिंग संबंधित फ्रॉड होने पर जल्द से जल्द इसकी शिकायत साइबर पोर्टल या 1930 पर कॉल करे, इससे रिकवरी के चांस अधिक होते हैं

हर एक या दो हफ्ते में अपने शॉपिंग अकाउंट का पासवर्ड बदले

अनचाहे मैसेज लिंक को ओपन न करें, ओटीपी शेयर न करें

एसएमएस अलर्ट को ऑन रखें ताकि हर ट्रांजिक्शन का अपडेट मिलता रहे

ऑनलाइन शॉपिंग में लेन देन की अधिकतम लिमिट को कम रखें, ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अलग खाते का उपयोग करें
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