चंडीगढ़। फरीदकोट की अदालत के जज पर भ्रष्टाचार व पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की संपत्ति बनाने का आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच ईडी से करवाने की हाईकोर्ट से अपील की गई है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को याचिका की प्रति रजिस्ट्रार को उपलब्ध करवाने व सुप्रीम कोर्ट द्वारा विजय मदनलाल चौधरी बनाम केंद्र सरकार मामले में जारी आदेश पर पक्ष रखने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर याची के वकील इस विषय को लेकर अपनी दलीलें रखने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए महावीर कुमार ने वकील आरएस बैंस ने हाईकोर्ट को बताया कि महावीर फरीदकोट के उस जज के कजन भाई हैं जिन पर याची भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है। याची को जब जज के आचरण के बारे में पता चला तो उन्होंने जज से दूरी बना ली। इसके बाद याची को पता चला कि जज ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदी है। यह संपत्ति उन्होंने अपने बेटे और सास के नाम पर खरीदी है। करीब दो दर्जन से अधिक संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटा कर याची ने ईडी को 23 सितंबर 2022 को जज के खिलाफ शिकायत सौंपी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हाईकोर्ट से अपील की गई कि ईडी को इस मामले में जज के खिलाफ जांच का आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष को सुनने के बाद याचिका की एक कॉपी रजिस्ट्रार को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही ईडी को दी गई शिकायत की पोस्टल स्टैंप भी पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की विजय मदनलाल बनाम केंद्र सरकार मामले में कुछ टिप्पणियां हैं जिनके अनुसार जज के खिलाफ जांच का आदेश जारी नहीं कर सकते।