पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने ग्रामीण डिस्पेंसरियों में कार्यरत फार्मासिस्टों को उनकी मांगें जल्द माने जाने का भरोसा देते हुए अपील की है कि वे संकट की इस घड़ी में हड़ताल पर न जाएं। बाजवा ने रविवार को फार्मासिस्ट यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को टेलीफोन करके भरोसा दिलाया कि सरकार की तरफ से उनकी नौकरियां रेगुलर करने की मांग पर विचार किया जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि कुछ कानूनी और अदालती फैसलों की अड़चनों को दूर करके इस मामले का हल निकाल लिया जाएगा। उन्होंने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि फार्मासिस्टों का कांट्रैक्ट रिन्यू और इस महीने का वेतन जारी करने के लिए विभाग को हिदायतें जारी कर दी गई हैं। पंचायत मंत्री ने ग्रामीण डिस्पेंसरियों के फार्मासिस्टों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना के विरुद्ध लड़ी जा रही जंग की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तरफ से दिए जा रहे योगदान पर पूरे विभाग को गर्व है। उन्होंने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वह स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की तरह इन फार्मासिस्टों को भी 50 लाख रुपये के बीमे की सुविधा देने का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।