चंडीगढ़। पत्नी का विधायक के पीए से संबंध होने से आहत व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में आरोपी पीए को जमानत देने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति को यदि यह लाभ दिया जाता है तो संभव है कि वह जांच को प्रभावित कर सकता है।
मामला पठानकोट से जुड़ा हुआ है जहां गत 3 जून को एक व्यक्ति की लाश लटकती हुई मिली थी। शव के पास एक सुसाइड नोट मौजूद था जिसमें सुमित सिंह को मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया था। आरोप के अनुसार सुमित सिंह के मृतक की पत्नी के साथ संबंध थे जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या की । याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए इस मामले में अग्रिम जमानत देने की मांग की थी। याची ने कहा कि वह स्थानीय सरपंच का पति है और यह आरोप राजनीतिक द्वेष का नतीजा है। जमानत का विरोध करते हुए पंजाब सरकार व पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया कि याची विधायक का पीए है और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहता है। यदि उसे जमानत का लाभ दिया गया तो वह गवाहों को डराने के साथ ही जांच को प्रभावित भी कर सकता है।
हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट याची के संबंध में उसके राजनीतिक सक्रिय होने पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। हालांकि इस मामले में दी गई दलीलों से संकेत मिलते हैं कि याची राजनीतिक रूप से सक्रिय है। इस मामले में आरोप बेहद संगीन हैं और सुसाइड नोट में याची का नाम दिया गया है। आरोपी के राजनीतिक सक्रिय होने के संकेत मिलने की स्थिति में इस समय अग्रिम जमानत दी गई तो जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याची की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।