हरियाणा में सीआईडी को लेकर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के बीच चल रहे विवाद के मामले में केंद्र सीआईडी प्रमुख बन गए हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने सीआईडी प्रमुख अनिल राव को चार्जशीट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने गृह सचिव को पत्र लिख कर आदेश की पालना करने के लिए कहा है।
विज का कहना है कि जब से वे गृह मंत्री बने हैं सीआईडी प्रमुख ने प्रदेश के हालातों की जानकारी एक दिन भी उन्हें नहीं दी है। गृह मंत्री होने के नाते उन्हें यह पता नहीं चलेगा कि उनके प्रदेश में क्या गतिविधियां चल रही हैं तो वे कैसे काूनन व्यवस्था का काबू करेंगे। इसी बात को आधार बनाते हुए अनिल विज ने सीआईडी चीफ को चार्जशीट करने के लिए कहा है। विज के इस पत्र के बाद से सीआईडी महकमे में हड़कंप है।
यही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री को एक और पत्र लिख कर सीआईडी प्रमुख को हटाने के लिए भी कहा है। नया सीआईडी प्रमुख कौन होना चाहिए यह भी नाम सुझाया है। विज के एक्शन के बाद अब यह गेंद मुख्यमंत्री के पाले में पहुंच गई है। अधिकारी भी इस पसोपेश में हैं कि क्या किया जाए। राव वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। सीआईडी चीफ होने के नाते मुख्यमंत्री से उनकी निष्ठा होना स्वाभाविक है। ऐसे में सरकार क्या निर्णय लेगी यह देखना होगा।
आईएएस या आईपीएस अधिकारी को चार्जशीट करने के लिए आल इंडिया सर्विस (डिस्पिलिन एंड अपील) रुल्स 1969 के तहत चार्जशीट किया जाता है। रुल 8 के तहत ऐसे मामलाें में बड़ी कार्रवाई होती है। जबकि रूल 10 के तहत छोटी कार्रवाई का प्रावधान है, चूंकि मामला आईपीएस अधिकारी से जुड़ा है। इसलिए इस मामले में निर्णय मुख्यमंत्री के माध्यम से ही होगा।
कई चरण होते हैं:
मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद ऐसे मामले यूपीएससी, एमएचए और डीओपीटी तक भी जाते हैं। आईपीएस अधिकारी पर कार्रवाई के मामले में कई चरणों में राय लेने के बाद ही कार्रवाई संभव है। की धुरी अब सीआईडी चीफ बन गए हैं।
सीआईडी का मामला इतना बड़ा नहीं है। यह एक तकनीकी इश्यू है जिसे जल्द ही निपटा लिया जाएगा। मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा
सीएम साहब से मेरी कोई लड़ाई नहीं है। वे मेरा सम्मान करते हैं और मैं उनका। बात सिर्फ गलत अधिकारियों को सिस्टम से बाहर करने की है। अनिल विज, गृह मंत्री हरियाणा