पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने मकान नंबर 1077 को तोड़ दिया था। इसके विरोध में वार्ड नंबर सात की पार्षद उषा रानी ने विभाग के प्रशासक को ज्ञापन सौंपा है। पार्षद ने पत्र में बताया है कि 1994 में राजीव-इंदिरा कॉलोनी के पुनर्वास की योजना बनाई थी। इस योजना के तहत कॉलोनी के पात्र लोगों को एक-एक मरले का प्लॉट मिलना था। सरकार ने एक प्लॉट की कीमत मात्र 10 हजार रुपये निर्धारित की थी। योजना के तहत इंदिरा कालोनी वासियों से 1000, 1500, 2500 रुपये राशि जमा करवाने के बाद आवेदन पत्र भी जारी कर दिया गया, लेकिन अब तक प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया है। 2009 और 2010 में इंदिरा और राजीव कालोनी वासियों को एचएसवीपी ने गुमराह करके फ्लैट देने के नाम पर राशि जमा करवाई गई, कुल एक करोड़ दस लाख विभाग के खाते में इंडियन बैंक सेक्टर-6 में जमा है, उसके बावजूद 19 दिसंबर को मकान नंबर 1077 को तोड़ दिया। इस पर मोहम्मद उमर के नाम से बिजली बिल का मीटर लगा है, जो काफी पुराना है। यह विभाग की धक्केशाही है। उन्होंने विभाग के प्रशासक से अनुरोध किया है कि जबतक प्लॉट नहीं दिए जाते किसी भी मकान और दुकान को तोड़ा न जाए।