पंचकूला में आंगनवाड़ी वर्कर्स का धरना
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मांगें पूरी न होने पर पूरे हरियाणा से वीरवार को सेक्टर-5 स्थित धरनास्थल पर दो हजार से अधिक संख्या में आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों पहुंचकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
वर्करों ने बताया कि उन पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। साथ ही उन्होंने मानदेय में वृद्धि की भी मांग की। आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन की राज्य प्रधान कमलेश रानी, राज्य की चेयरपर्सन जगमती मलिक, नौ प्रांतीय कमेटी पदाधिकारियों और दस सदस्यों का डेलिगेशन सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री के निवास स्थान पर बातचीत करने पहुंचा। तीन घंटे की मीटिंग में सीएम के ओएसडी विवेक कालिया, भारत भूषण भारती से बातचीत हुई। उन्होंने कई मांगों पर सीएम से बातचीत कर मामले को सुलझाने का आश्वासन दिलाया। उन्होंने कहा कि इस बजट में मांगें पूरी करने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री से 13 मार्च को सुबह दस बजे मीटिंग कराई जाएगी।
प्रदेशभर से हजारों की संख्या में पहुंचीं आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों धरना स्थल पंचकूला के ग्राउंड में पहुंचकर प्रदर्शन किया। यूनियन के राज्य चेयरमैन वरिष्ठ नेत्री जगमती मलिक व राज्य महासचिव अनुपमा सैनी ने बताया कि सरकार की ओर से दिए गए 3जी मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं। ये फोन काम करने लायक नहीं हैं। वर्करों ने 5जी स्मार्टफोन और सिम कार्ड की मांग की है। उनका कहना है कि या तो उन्हें बेहतर फोन दिए जाएं या फिर फोटो कैप्चरिंग का काम बंद किया जाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगी। धरनास्थल पर मौजूद कर्मियों ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
रास्ता बंद होने से लोग रहे परेशान
प्रदर्शन के दौरान पुलिस जवानों की तैनाती की गई। सेक्टर-5 धरनास्थल से जाने वाले रास्ते काे बंद कर दिया गया है। इस कारण आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ अधिक होने के बाद फरीदाबाद की आंगनवाड़ी वर्कर मंजू की तबीयत खराब हो गई। इस दौरान उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।