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Panchkula News: असंतुलित आहार से पंचकूला में लगातार बढ़ रहे एनीमिया और शुगर के मरीज

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। एनीमिया और शुगर अब उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी नहीं रह गई है। अब युवा इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। विशेषज्ञ इसकी सबसे बड़ी वजह निष्क्रिय जीवनशैली और असंतुलित आहार बता रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार लोगों में अच्छी डाइट नहीं लेने से यह मामले सामने आ रहे हैं। हरियाणा निरोगी पंचकूला की टीम एक साल के अंदर अब तक 205 कैंप पूरे गांव के बाहरी क्षेत्र में लगाए हैं। इस कैंप के दौरान यह बात सामने आई हैं।
इसमें वर्ष जनवरी 2023 से अब तक अप्रैल 2024 तक 1.80 लाख की इनकम से कम आय वाले 169896 लोगों के टेस्ट किए गए। इसमें एनीमिया की 7034 मामले सामने आए। वहीं इसमें शुगर के 1572 मरीज सामने आए हैं। इसके अलावा हाइपरटेंशन की बीमारी के 2179 मामले सामने आए हैं। वहीं हार्ट अटैक, कार्डिक अरेस्ट के 44 मामले जांच में सामने आए हैं। वहीं स्ट्रोक के 10 नए मामले सामने आए हैं। अब तक कुल लोगों 14 लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए हैं।
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यह है एनीमिया का कारण
पंचकूला सिविल अस्पताल के डॉ. मनकीरत मुरारा बताया कि शरीर में रक्त कोशिकाओं की सामान्य संख्या नहीं बन पाने के कारण लोगों को एनीमिया हो रहा है। हीमोग्लोबिन की कमी इसमें मुख्य कारण है। इसकी कमी के कारण शरीर में पर्याप्त रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुंचने में कमी होती है। इसके अलावा पोषण की कमी, विटामिन बी12 या फोलिक एसिड की कमी के कारण होता है। वहीं लोग असंतुलित आहार से भी इसका शिकार होते हैं।

इस तरह से एनीमिया से करें बचाव
पंचकूला इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. अमरजीत सिहं ने बताया कि एनीमिया से बचाव करने के लिए आपको सही आहार, स्वस्थ जीवनशैली, और डॉक्टर की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। खाने में उचित मात्रा में प्रोटीन, फ़ाइबर, विटामिन और खनिजों को शामिल करना चाहिए। हरे पत्तेदार सब्जियां, फल, पूरे अनाज, दही, अंडे, ड्राय फ्रूट्स, मछली आदि आपके आहार में शामिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा नींबू, संतरा, अमरूद, टमाटर का सेवन करने से एनीमिया से बचाव हो सकता है।

मधुमेह का इस तरह से बढ़ता है खतरा
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 एमडी मेडिसिन के डॉ. अश्वनी भटनागर ने बताया कि मधुमेह हृदय संबंधी बीमारियों के साथ ही अन्य रोगों को बढ़ा देते हैं जोकि खतरनाक है। ऐसे में जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है। शरीर का वजन संतुलित रखने के साथ ही प्रतिदिन 30 मिनट तक व्यायाम बेहद जरूरी है। थोड़े-थोड़े समय पर कम मात्रा में पौष्टिक एवं संतुलित भोजन लिया जाना चाहिए। फाइबर युक्त फल या सब्जी का सेवन करें। तंबाकू व शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
रक्त में शुगर के स्तर की जांच नियमित कराते रहना चाहिए। शारीरिक निष्क्रियता की वजह से मोटापा बढ़ता है। इससे शुगर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसकी वजह से किडनी का फेल होना, हृदय व रक्त वाहिकाओं संबंधी रोग, दिल का दौरा, नसों की क्षति व सुन्न पड़ना, हाथ या पैरों में झनझनाहट होना, पैरों में घाव और संक्रमण होना होता है। इससे बचाव के लिए लोगों को व्यायाम करना चाहिए।
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हरियाणा निरोगी पंचकूला की ओर से 205 कैंप एक साल में लगाए हैं। इसमें एनीमियां और शुगर के मरीज बढ़ रहे हैं। मरीजों को डाइट प्लान बनाया गया है। इसमें अधिकतर असंतुलित आहार और अच्छी दिनचर्या का पालन नहीं कर रहे हैं। इस कारण यह बीमारी बढ़ रही है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया गया है। - डॉ. मनकीरत मुरारा, नोडल ऑफिसर, हरियाणा निरोगी पंचकूला
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