चंडीगढ़। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने रक्त संक्रमण जोखिम कम करने के लिए एडवांस्ड न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग सिस्टम लागू करने की घोषणा की। यह प्रणाली डायग्नोस्टिक विंडो पीरियड घटाकर एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रमणों की समय पर पहचान कर संक्रमण फैलने से रोकने में मदद करेगी। डॉ. बलबीर ने पंजाब स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (पीएसबीटीसी) के राज्य स्तरीय एनजीओ सम्मेलन में यह बात कही।
रक्त संग्रह, जांच, ब्लड बैग की लेबलिंग और क्रॉस-मैचिंग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदाताओं और युवाओं से अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया। अंगदान से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। प्रदेश भर में रक्तदान के माध्यम से मानवता की सेवा में योगदान देने वाली 69 स्वैच्छिक रक्तदान एनजीओ को सम्मानित किया गया। पंजाब में वर्तमान में 201 लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर हैं, जिनमें 51 सरकारी, 7 सेना से संबंधित और 143 निजी/ट्रस्ट द्वारा संचालित हैं।
रक्त संग्रह के आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब में 5,44,167 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। वहीं अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 2,065 स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित हुए। इन शिविरों के माध्यम से 1,84,194 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इसमें स्वैच्छिक रक्तदान की दर 96.04 फीसदी रही।