निर्माण कार्य शुरू, दो माह में संचालन का लक्ष्य रात में भी अस्पताल परिसर में मिलेंगी रियायती दरों पर दवाएं
ब्रांडेड दवाएं बाजार से 50 से 90 फीसदी तक सस्ती मिलेंगी, इमरजेंसी और भर्ती मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में जल्द ही 24 घंटे संचालित होने वाली अमृत फार्मेसी की सुविधा शुरू होगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और अगले दो माह में इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। फार्मेसी शुरू होने के बाद मरीजों को ब्रांडेड और अन्य आवश्यक दवाएं बाजार की तुलना में 50 से 90 फीसदी तक रियायती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगी।
अभी अस्पताल परिसर में केवल जन औषधि केंद्र संचालित हो रहा है, जो दोपहर 2 बजे तक ही खुलता है। ऐसे में रात के समय दवाओं की जरूरत पड़ने पर मरीजों और उनके परिजनों को निजी मेडिकल स्टोरों पर निर्भर रहना पड़ता है। अमृत फार्मेसी शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
अमृत (अफोर्डेबल मेडिसिन्स एंड रिलाएबल इम्प्लांट्स फॉर ट्रीटमेंट) योजना केंद्र सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं और चिकित्सा सामग्री सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है। हरियाणा के कई जिलों में यह सुविधा पहले से संचालित है और अब पंचकूला भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है।
इमरजेंसी मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
सिविल अस्पताल पंचकूला जिले का प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों में उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि 24 घंटे दवा उपलब्ध होने से दुर्घटना, हृदयाघात और अन्य आपातकालीन मामलों में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जन औषधि केंद्र भी होगा स्थानांतरित
वर्तमान में अस्पताल परिसर में एमसीएच भवन के पास जन औषधि केंद्र संचालित है। अमृत फार्मेसी शुरू होने के बाद इस केंद्र को भी दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार दोनों सुविधाएं समानांतर रूप से संचालित होंगी। जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक दवाएं मिलती रहेंगी, जबकि अमृत फार्मेसी में ब्रांडेड और जेनेरिक दोनों प्रकार की दवाएं उपलब्ध होंगी।
कोट
अमृत फार्मेसी के लिए विटा बूथ के नजदीक निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यहां हर प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध होंगी। जन औषधि केंद्र को भी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
- डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग