हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कर्मचारी यूनियन एसडीओ समेत तीन कर्मचारियों के ट्रांसफर मामले को लेकर स्थानीय विधायक ज्ञानचंद गुप्ता के खिलाफ लामबंद हो गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने बुधवार से पहले ट्रांसफर ऑर्डर को वापस नहीं करवाया तो वह उनके आवास का घेराव करने के साथ प्रदेशभर में हड़ताल करेंगे। हड़ताल से लोगों को होनी वाली परेशानी और विभाग को पहुंचने वाले आर्थिक नुकसान के लिए पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता जिम्मेदार होंगे। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण हटाने के मामले को लेकर विधायक की शिकायत पर जिन कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया है वह निर्दोष हैं। क्योंकि कर्मचारियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन करते हुए कार्रवाई की थी। वैसे भी चीफ सेक्रेटरी हरियाणा का आदेश है कि शहर में किसी भी स्थान पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। लेकिन सेक्टर-5 में पिछले दिनों की गई कार्रवाई को एक सोची समझी साजिश के तहत वोट बैंक मजबूत करने के साथ जोड़ा जा रहा है, जोकि बिल्कुल गलत है।
सीएम ओएसडी ने यूनियन को दिया समय
यूनियन के पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन मुख्यमंत्री का शेड्यूल बिजी होने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। ऐसे में यूनियन के पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री के ओएसडी ने बातचीत कर आश्वासन दिया कि वह सोमवार को मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात करवाएंगेे। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वह मुख्यमंत्री को बताएंगे कि स्थानीय विधायक पब्लिक वेलफेयर के नाम पर विभागीय कर्मचारियों के साथ कैसे धक्केशाही कर रहे हैं। इससे पहले यूनियन कर्मचारी और पदाधिकारी विधायक से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे, लेकिन वहां मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद वह सेक्टर-6 स्थित फिल्ड हॉस्टल गए जहां विधायक मिले और काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान यूनियन के प्रदेश प्रधान धनीराम, महासचिव कृष्ण धीमान, सर्कल प्रधान राम सिंह, चेयरमैन सुनील कुमार और तीस अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
आदेश को दरकिनार कर हुआ ट्रांसफर
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पदाधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफर एक उच्चाधिकारी के आदेश को दरकिनार करके किया गया है। वहीं एक कर्मचारी का ट्रांसफर नियमों के विपरीत हुआ है। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव हरियाणा ने 18 जुलाई को आदेश जारी किए कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश के बिना किसी भी कर्मचारी और अधिकारी का ट्रांसफर नहीं होगा। लेकिन स्थानीय विधायक के दबाव में आकर विभाग के एसडीओ समेत तीन कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग के कर्मचारी मान सिंह जिनका ट्रांसफर पलवल हुआ है, जबकि उन्हें अंबाला जोन से बाहर भेजा ही नहीं जा सकता है।
हाईकोर्ट जा सकता है ट्रांसफर मामला
वहीं, कर्मचारियों और अधिकारियों ने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है। कोर्ट में याचिका लगाने के लिए वकीलों से संपर्क किया है। हालांकि वह कोर्ट में याचिका बुधवार के बाद लगाएंगे। वहीं, पंचकूला शहर के कुछ आरटीआई विशेषज्ञ भी एक्टिव हो गए हैं। उनका कहना है कि वह तबादले को लेकर आरटीआई के जरिए जवाब मांगेंगे कि किस आधार पर ये कार्रवाई की गई है।
क्या कानून से बढ़कर है पब्लिक वेलफेयर?
विधायक का कहना है कि वह पब्लिक वेलफेयर के लिए किसी भी तरह की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका ये बयान बिल्कुल गलत है। क्या पब्लिक वेलफेयर कानून से भी बढ़कर है। वोट बैंक मजबूत करने के लिए क्या शहर में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी जाए। - सुनील कुमार, चेयरमैन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कर्मचारी यूनियन।
लोक सर्वहितकारी सोसायटी ने लिखा पत्र
अतिक्रमण हटाने के बाद प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर लोक सर्वहितकारी सोसायटी के चेयरमैन राकेश अग्रवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, चीफ सेक्रेटरी हरियाणा, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और डिप्टी कमिश्नर पंचकूला को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना अतिक्रमण को बढ़ावा देना है। उन्होंने इस ट्रांसफर को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धर्म, जाति या फिर किसी सेवा के नाम पर अतिक्रमण करने की छूट दी गई तो शहर में पानी पिलाने के नाम पर भी लोग अतिक्रमण करने लगेंगे।
क्या बोले, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता
ट्रांसफर का बहुत बड़ा मामला नहीं है। ट्रांसफर तो रुटीन में रोज होते हैं। जब कर्मचारी उनके पास आएंगे तो बात करेंगे। यूनियन के कुछ पदाधिकारी मिले भी थे और जो बात थी वह उन्हें बता भी दी गई है। जिन हालत में ट्रांसफर हुए हैं ऐसे तो प्रदेश में रुटीन में होते हैं। जहां भी उन्हें लगेगा गलत काम हुआ है वह उसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करेंगे। इसके बाद कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लेना या न लेना अधिकारियों का काम है। यदि उन्हें लगेगा कि शहर में कोई गलत काम हुआ तो वह अधिकारियों के संज्ञान में जरूर लाएंगे। शहर में कार्रवाई रोज होती है उसमें क्या सही है और क्या गलत है ये अधिकारियों ने देखना है। - ज्ञानचंद गुप्ता, विधायक, पंचकूला।