चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की एएमएल (सहायक लाइनमैन) भर्ती में फर्जीवाड़े की आशंकाएं सही साबित हो रही हैं। बिजली निगम में नियुक्ति के समय भी अभ्यर्थियों ने फर्जी अभ्यर्थियों को भेज दिया। हालांकि, आयोग की ओर से बायोमीट्रिक निशान लेने और वीडियोग्राफी देखने के बाद तीन फर्जी अभ्यर्थियों को पकड़ लिया गया, जबकि दो फरार हो गए। आयोग उनके दस्तावेजों की जांच कर रहा है। पकड़े गए तीनों अभ्यर्थियों ने आयोग को लिखकर दिया है कि उन्होंने दूसरे के स्थान पर परीक्षा दी थी और अब नियुक्ति के लिए भी भेजा गया है। इसके लिए उन्होंने अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की डील की थी। आयोग इनकी शिकायत पुलिस को देने की तैयारी कर रहा है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) के लिए 1307 एएलएम पदों के लिए पिछले माह ही भर्ती की है। 15 से 21 जून तक रोजाना 250-250 अभ्यर्थियों का नियुक्ति के लिए बुलाया गया है। आयोग को पहले से ही आशंका थी कि भर्ती में फर्जी अभ्यर्थी आ सकते हैं। वीरवार को आयोग की ओर से एचवीपीएन में पहले से टीम तैनात थी। जैसे ही टीम को शक हुआ तो एक-एक करके तीन युवाओं को पकड़ लिया, जबकि दो युवक फरार हो गए। पकड़े गए युवाओं से पूछताछ की गई तो उन्होंने माना है कि उन्होंने दूसरों के साथ पर परीक्षा दी थी और अब कहीं मामला पकड़ा न जाए, इसलिए खुद ही बायोमीट्रिक निशान देकर नियुक्ति के लिए भी पहुंच गए। इस बारे में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने इसकी पुष्टि की है। खदरी ने बताया कि किसी भी सूरत में फर्जी अभ्यर्थियों को छोड़ा नहीं जाएगा। नियुक्ति के समय से बाद तक भी निशान लिए जाएंगे।
गलत तरीके से अंक हासिल करने वाले 31 की चल रही है जांच
इसके अलावा, इसी भर्ती में गलत तरीके से झूठे शपथ पत्र देकर सामाजिक आर्थिक आधार के अंक हासिल करने वाले 31 अभ्यर्थी जांच के दायरे में है। सीआईडी इनकी जांच कर रही है। आरोप है कि इन्होंने घर में पहले सरकारी नौकरी होते हुए या फिर पिता के जिंदा होते हुए भी अतिरिक्त अंक ले लिए और इनका चयन हो गया। जांच में अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं तो इनकी नौकरी जाना तय है, साथ ही इनके खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।