विरोध प्रदर्शन करते चंद्रमोहन बिश्नोई
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पंचकूला सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज में बनाए पोलिंग बूथ पर रात करीब 10 बजे उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस के प्रत्याशी चंद्रमोहन सहित उनके कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की तैयारियों और भाजपा पर ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाए।
चंद्रमोहन सहित सभी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा ने मतदान के बाद ईवीएम को सेक्टर-1 के कॉलेज के खुले ग्राउंड में रखा। फिर ईवीएम की बैटरियों को खोलकर उनसे छेड़छाड़ की गई। यदि मशीनों में किसी प्रकार की तकनीकी खामी थी तो किसी भी प्रत्याशी या अन्य पार्टी के किसी कार्यकर्ता को मौके पर साथ क्यों नहीं लिया गया। रात करीब सवा ग्यारह बजे तक सेक्टर-1 कॉलेज में कांग्रेस पार्टी का हंगामा जारी रहा।
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पंचकूला प्रशासन सहित भाजपा पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रमोहन ने इस सब के बावजूद अपनी जीत का दावा किया लेकिन उन्होंने स्पष्ट तौर पर चुनावी प्रक्रिया निष्पक्षता से नहीं होने के आरोप लगाए। चंद्रमोहन ने कहा कि पहली बार उन्होंने अपने सियासी सफर में ऐसा देखा की मतदान के बाद मशीनों को खुले में रखा गया और उनकी बैटरियों को दोबारा निकालकर लगाया जा रहा था। उन्होंने ने इसको अनुचित बताया।
चंद्रमोहन ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी सहित उनकी पार्टी की मदद की। हालांकि, चंद्रमोहन या किसी अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता ने जिला पुलिस को लिखित में कोई शिकायत नहीं दी है। जबकि पार्टी की तरफ से यह कहा जाता रहा कि वह मामले के संबंध में शिकायत दर्ज जरूर करवाएंगे।
वहीं मामले की सूचना मिलने पर रात करीब साढ़े दस बजे आम आदमी पार्टी से प्रत्याशी योगेश्वर शर्मा भी अपने कार्यकर्ताओं सहित सेक्टर-1 कॉलेज पहुंचे। योगेश्वर शर्मा ने आरोप लगाए कि चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों से बात की तो उनकी स्टेटमेंट तीन बार बदली। आरोप हैं कि कर्मचारियों ने उन्हें ऊपर से आदेश होने की बात कही।
आरोप हैं कि कर्मचारियों ने उन्हें सील किए डिब्बों को दो बार के बजाय चार बार सील लगाने के आदेश होने की बात कही। बकौल योगेश्वर शर्मा उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि चार बार सील लगाने थी तो पहले लगाई गई दो सील क्यों तोड़ी गई, तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
मीडिया को रोके रखा कॉलेज के बाहर
जहां, चंद्रमोहन समेत कांग्रेसी कार्यकर्ता नारेबाजी कर चुनावी प्रक्रिया के निष्पक्ष नहीं होने के आरोप लगा रहे थे, तो उसी दौरान पैरामिलिट्री फोर्स सहित पंचकूला के पुलिसकर्मियों ने कवरेज के लिए मौके पर पहुंचे सभी मीडिया कर्मियों को कॉलेज के गेट के बाहर ही रोक दिया।
पुलिसकर्मियों ने कॉलेज के मुख्य गेट को बंद कर मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें ऊपर से आदेश है कि किसी को कॉलेज में दाखिल नहीं होने देना। पुलिस से पूछा गया कि मीडिया को रोके जाने के आदेश उन्हें किसने दिए हैं, तो किसी पुलिसकर्मी ने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं हंगामा होने के दौरान पंचकूला के उपायुक्त अपने काफिले सहित कॉलेज पहुंचे। बावजूद इसके मीडिया कर्मियों को रात करीब 11 बजे के बाद कॉलेज में दाखिल होने दिया गया।