चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र की पत्नी के भतीजे अकांक्ष मर्डर केस की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजीव गोयल की अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान गवाह अदम्य के बयानों में अंतर पाया गया। अदम्य को अकांक्ष का दोस्त बताया जा रहा है। बचाव पक्ष के एडवोकेट ने कहा कि वारदात के दिन अदम्य ने इसका जिक्र नहीं किया था कि झगड़ा कहां हुआ, लेकिन कोर्ट में उसने गवाही दी है कि झगड़ा दीप सिद्धू के घर हुआ है, जबकि पुलिस की जांच रिपोर्ट में दीप सिद्धू के घर पर झगड़े की बात नहीं है। जांच रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र नहीं है कि झगड़े की शुरुआत कैसे हुई थी।
इस दौरान एसआई रबदीप सिंह के बयान पर भी सवाल उठा। उसने अपने बयान में कहा था कि जब उसने एफआईआर पर साइन किए तो उस पर समय का जिक्र था और कार्बन कॉपी लगी हुई थी। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने सवाल उठाया कि कार्बन कॉपी में समय का जिक्र नहीं है। ऐसे में एफआईआर पर सवाल उठना लाजिमी है। अब मामले की सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
यह है पूरा मामला
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री के भतीजे अकांक्ष की हत्या 9 फरवरी 2017 में सेक्टर 9 में बीएमडब्ल्यू से कुचलकर कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था। इस मामले में हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उसे बाद में भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया।