हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की हत्या के केस में अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल की अदालत में वीरवार को बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें पेश कीं। पिछली सुनवाई पर अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की पांच जजमेंट पेश कीं थीं, जिनमें इस तरह की घटनाओं में आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।
वीरवार को इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उन जजमेंट में सभी मृतकों के शरीर पर आंतरिक और बाहरी घाव थे लेकिन इस केस में अकांक्ष सेन के शरीर पर किसी प्रकार की इंजरी नहीं है। केवल ब्रेन हेमरेज है। इसका मतलब यह है कि सभी गवाह झूठ बोल रहे हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री के भतीजे अकांक्ष की हत्या फरवरी 2017 में सेक्टर नौ में बीएमडल्ब्यूए से कुचलकर कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था।
इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।