पंजाब विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रवासी पक्षियों के सवाल पर वन मंत्री और अकाली दल के विधायकों में ठन गई। बहस इस स्तर तक पहुंची कि दोनों की सदस्यों ने इस्तीफा देने की चुनौती दे डाली। अकाली विधायक बिक्त्रस्म सिंह मजी?ठिय ने वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत से कहा कि उन्होंने सदन में जो आंकड़े पेश किए हैं, वह गलत हैं और अगर उनके आरोप को कोई गलत साबित कर दे वे (मजीठिया) इस्तीफा दे देंगे और अगर आरोप सही साबित हुआ तो मंत्री इस्तीफा दे दें।
मजीठिया ने सरकार से जानना चाहा था कि पंजाब के हरिके पत्तन में प्रवासी पक्षियों की हर साल आमद में कमी आ रही है। अगर ऐसा है तो इस कमी के कारणों को जानने के लिए सरकार ने क्या कार्यवाही की है? इसके जवाब में वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने सदन में बताया कि यह बात सही नहीं है कि हरिके पत्तन में प्रवासी पक्षियों की हर साल आमद में कमी आ रही है। उन्होंने बताया कि हर साल आने वाले प्रवासी पक्षियों की गिनती विशेषज्ञ संस्थाओं के प्रतिनिधियों के जरिए करवाई जाती है ताकि इनकी आमद में हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा सके। वन मंत्री ने यह भी बताया कि बीते सात साल के आंकड़ों के अनुसार, हरिके पत्तन में पक्षियों की औसत गिनती 90561 है। इस साल भी 91000 के करीब प्रवासी पक्षी गिने गए हैं। जहां तक पक्षियों की प्रजातियों का संबंध है, इस साल 94 प्रजातियों के पक्षी पाए गए हैं जो पिछले सात सालों में सबसे ज्यादा हैं।
इस पर विधायक मजीठिया ने पूरक प्रश्न पूछा कि क्या मंत्री स्वयं कभी हरिके पत्तन गए हैं और उन्होंने कहा कि पक्षियों की आमद को लेकर मंत्री गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं जबकि सर्वे के अनुसार पक्षियों की आमद में लगातार कमी आ रही है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि हरिके पत्तन के आसपास बड़े पैमाने पर कब्जे हो रहे हैं, जिस कारण वहां पक्षियों की आमद कम हो गई है। मजीठिया ने सवाल? किया कि क्या सरकार हरिके पत्तन के आसपास कब्जे हटवाएगी? इस पर वन मंत्री ने स्पष्ट जवाब न देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद अकालियों द्वारा किए गए अवैध कब्जे से हजारों एकड़ जमीन छुड़ाई गई है। तब मजीठिया ने कहा क?ि अगर मंत्री हरिके पत्तन से एक इंच भी कब्जा छुड़ाना साबित कर दें तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, अन्यथा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे दें। तब स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए अगले प्रश्न के लिए सदस्य का नाम पुकारा और यह मामला यह समाप्त हो गया।