संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर और प्रबंधक कमेटी के बीच पिछले तीन साल से चल रहे विवाद पर पूर्ण विराम लगा गया। दोनों ने आपसी सौहार्द के साथ मीटिंग की है। तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही ने बताया कि वर्ष 2022 में उस समय के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह हित के द्वारा किन्हीं कारणों के चलते जत्थेदार रणजीत सिंह गौहर की सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी।
जत्थेदार रणजीत सिंह गौहर ने कोर्ट में केस किया था। जिस पर सिख पंथ की सर्वोच्च अदालत श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के साथ पांच सिंह साहिबानों के द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब से एक आदेश पारित कर जत्थेदार रणजीत सिंह गोहर को सभी कोर्ट केस वापस लेने और प्रबंधन कमेटी को उनका बनता बकाया देकर सम्मान सहित विदायी देने का आदेश जारी किया गया था।
इसके बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य गुरविन्दर सिंह बावा और मुंबई से जसबीर सिंह धाम के द्वारा दोनों पक्षों में सहमति के लिए किए गए प्रयासों के बाद पूर्व जत्थेदार रणजीत सिंह गौहर को प्रबंधक कमेटी द्वारा बनता बकाया देने के बाद सम्मानपूर्वक विदायगी दी गई। इस मीटिंग में अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही के अतिरिक्त महासचिव इन्द्रजीत सिंह, सचिव हरबंस सिंह, उपाध्यक्ष गुरविन्दर सिंह, सदस्य हरपाल सिंह जौहल, मुंबई से जसबीर सिंह धाम मौजूद रहे।