16 राज्यों के 349 हिमवीर और 5 हिमवीरांगनाएं समारोह में हुईं शामिल, अपने लाडलों को आईटीबीपी में शामिल होते देख कई परिजनों की छलक पड़ीं आंखेंमाई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। आईटीबीपी भानू में शुक्रवार का दिन बेहद खास था। जहां नॉन जीडी रिक्रूट बैच के 354 प्रशिक्षणार्थियों के लिए दीक्षांत एवं शपथ समारोह आयोजित किया गया, वहीं आईटीबीपी की जांबाजों ने मोटरसाइकिल पर विभिन्न प्रकार के करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। 168वें नॉन जीडी बैच के दीक्षांत एवं शपथ समारोह में 16 राज्यों के 349 हिमवीर और 5 हिमवीरांगनाएं शामिल हुईं। कठिन ट्रेनिंग के बाद अपने बेटे बेटियों को आईटीबीपी में शामिल होते देखकर कई परिजनों की आंखें भी छलक पड़ीं। इस मौके पर आईटीबीपी के जांबाजों ने परेड एवं बैंड, योग और विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन कर दर्शक दीर्घा में बैठे सभी लोगों का दिल जीत लिया।
समारोह में आईटीबीपी के महानिदेशक अनीस दयाल सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। आईटीबीपी भानू के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। भव्य समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में चंडीगढ़ वेस्टर्न कमांड अपर महानिदेशक मनोज रावत, प्रशिक्षण महानिरीक्षक एसके शर्मा, छत्तीसगढ़ पुलिस के महानिरीक्षक राजीव कुमार, आईटीबीपी के उपमहानिरीक्षक ब्रिगेडियर गुरिंदर पाल सिंह गिल सहित अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे। इस परेड की कमान कांस्टेबल विवेक कुमार गुप्ता 36वीं वाहिनी ने संभाली और हेड कांस्टेबल कार्तिक रियाल 15वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षाणार्थी घोषित किया गया। अनीस दयाल सिंह ने विजेताओं को ट्राफियां देकर सम्मानित किया। महानिदेशक ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षणार्थी बेसिक ट्रेनिंग पूरा करने के बाद हिमवीर परिवार में प्रशिक्षित सदस्य के रूप में शामिल हो गए हैं। आप सभी बहुत भाग्यशाली हैं कि देश सेवा का अवसर आईटीबीपी जैसे अनुशासित बल में प्राप्त हुआ है। इस केंद्र में जो ज्ञान प्रशिक्षणार्थियों ने अर्जित किया है, उसे कायम रखते हुए जीवन में और अधिक सीखने का प्रयास करेंगे। यह नॉन जीडी नव प्रशिक्षणार्थियों का कैडर चालक, क्लर्क, टेलीकाॅम, वाटर कैरियर, कुक, टेलर, कोबलर, बारबर, वासरमैन, गार्डनर, पाइनियर आदि शामिल हैं।
24 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण आने वाली चुनौतियों का सामना करेगा आसान
अनीस दयाल सिंह ने सभी प्रशिक्षणार्थियों का मनोबल बढ़ाया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस पाइप बैंड की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र में छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम को पाइप बैंड की ट्रेनिंग दी गई है, उसे इन्हें बरकरार रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से उन्हें ड्रिल, वैपन, मैप रीडिंग तथा हथियारों को चलाने का ट्रेनिंग दी गई। उन्हें 24 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण दिया गया, जिससे कि वह आने वाली सभी चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकें। उन्होंने कहा कि इनकी ड्यटी ज्यादातर सीमावर्ती क्षेत्र में है। जहां पर 70 से 80 किमी की एलआरपी पैदल करनी पड़ती है जिससे आप अपने को फिट रख सकें। आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आईटीबीपी में सभी प्रशिक्षणार्थियों ने बेहतरीन काम करते हुए ट्रेनिंग पूरी की। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
क्या कहते हैं जवान
आधुनिक हथियार चलाने की ट्रेनिंग मिली
24 सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग मिली। ट्रेनिंग के दौरान जिस तरह से अनुशासन में रहना मुझे सिखाया गया है, इसका हम दैनिक जीवन में हमेशा पालन करेंगे। - बहादुर सिंह
अनुशासन को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी
मुझे 24 सप्ताह की ट्रेनिंग के दौरान अपने काम के अलावा अनुशासन को बनाए रखने की सीख मिली है। इसे हम जीवनभर नहीं भूलेंगे। यह हमारे जीवन का सबसे बेहतरीन पल है।
- धर्मपाल सिंह
ट्रेनिंग के दौरान 15 किलो वजन कम हुआ
ट्रेनिंग के दौरान मेरा 15 किलो वजन कम हुआ है। इस दौरान मुझे दिनचर्या को ठीक रखने की सही जानकारी मिली है। सदाचार का पालन करना सिखाया गया है। यह अनुशासन मेरे पूरे जीवन में रहेगा।
-मोहिंद्र कुमार
परेड में भाग लेना कभी नहीं भूलूंगा
दीक्षांत समारोह के दौरान परेड में भाग लेने का मौका मिला है। यह हमारे लिए बेहतरीन पल है। इसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है। जो कुछ ट्रेनिंग में सीखा है, इसे पूरी तरह से देश सेवा करूंगा।
-नवदीप कौशल