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Panchkula News: चोरी की वारदात के बाद बदली व्यवस्था, रात में इमरजेंसी से बन रहे एमसीएच के एडमिट कार्ड

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शाम पांच बजे के बाद एमसीएच की एडमिशन विंडो बंद, गर्भवती मरीजों को इमरजेंसी में बनवाना पड़ रहा कार्ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग में रात के समय एडमिशन की व्यवस्था बदल दी गई है। अब शाम पांच बजे के बाद एमसीएच की एडमिशन विंडो बंद रहती है और गायनी मरीजों के एडमिट कार्ड इमरजेंसी में बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एमसीएच में चोरी की शिकायतें और सुरक्षा स्टाफ की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। वहीं, एक ही एडमिशन क्लर्क होने से रात में अलग विंडो चलाना भी मुश्किल है।

मरीजों को इमरजेंसी में करना पड़ रहा इंतजार
रात सात बजे के बाद गायनी इमरजेंसी में आने वाली गर्भवती महिला को पहले इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर देखता है। इसके बाद गायनी डॉक्टर की जांच और ट्रायजिंग के बाद इमरजेंसी में ही कंप्यूटर से एमआरडी नंबर और एडमिट कार्ड बनाया जाता है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी में भीड़ होने के कारण कई बार कार्ड बनाने में 30 से 45 मिनट लग जाते हैं। गंभीर मरीजों की मौजूदगी में गर्भवती महिलाओं को इंतजार करना पड़ता है।
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चोरी की शिकायतों के बाद बढ़ाई गई सख्ती
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एमसीएच में कॉपर वायर, एसी वायरिंग, मोबाइल, पर्स और दवाइयां चोरी होने की शिकायतें मिली हैं। रात में बाहरी लोगों की आवाजाही रोकने के लिए एमसीएच का प्रवेश सीमित कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और इंफेक्शन कंट्रोल को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इमरजेंसी से प्रवेश दिया जा रहा है।

24 घंटे विंडो शुरू करने की तैयारी
एमसीएच में फिलहाल एक ही एडमिशन क्लर्क है, जिसकी ड्यूटी दिन में रहती है। विभाग ने स्टाफ रोटेशन का रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त क्लर्क और सुरक्षा गार्ड की तैनाती के बाद एमसीएच में 24 घंटे एडमिशन विंडो शुरू करने की योजना है। एमसीएच में 200 बेड की व्यवस्था है। यहां रोजाना करीब 125 से 250 ओपीडी और हर महीने औसतन 300 से 350 डिलीवरी होती हैं। अस्पताल में गायनी, एनेस्थेटिस्ट और पीडियाट्रिशियन की 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध हैं।
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कोट
पेशेंट सेफ्टी के लिए व्यवस्था बदली गई है। सुरक्षा और स्टाफ की उपलब्धता बढ़ते ही एमसीएच में 24 घंटे एडमिशन विंडो फिर शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ
कोट
एमसीएच में चोरी की घटनाओं के चलते रात में विंडो बंद रखी जाती है। स्टाफ की कमी भी इसका कारण है। जल्द ही अतिरिक्त सुरक्षा और स्टाफ की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।
-डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ
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