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Panchkula News: बहुमत के बाद अब चुनौती की घड़ी, मेयर और पार्षदों की अग्निपरीक्षा शुरू

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अहम मुद्दों पर प्रदर्शन तय करेगा अगली कुर्सी की तकदीर
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 20 में से 17 वार्डों और मेयर पद पर कब्जा जमाकर वर्चस्व तो साबित कर दिया है लेकिन इस प्रचंड जीत के साथ ही उम्मीदों का भारी बोझ भी शहर की नई सरकार के कंधों पर आ गया है। एक कांग्रेस के पार्षद और दो निर्दलीय पार्षदों की कम संख्या के बावजूद, असली चुनौती विपक्ष नहीं बल्कि शहर की वे बुनियादी समस्याएं हैं जो वर्षों से फाइलों में दबी हैं। खासकर मेयर श्याम लाल बंसल के लिए खुद की कार्यप्रणाली को साबित करना बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि वे स्वयं सड़क निर्माण के कार्यों से जुड़े रहे हैं। कई प्रमुख चुनौतियों पर हैं जो नई टीम का इम्तिहान लेने को तैयार है।

डोर-टू-डोर कलेक्शन, एक गाड़ी के भरोसे पूरे सेक्टर
कूड़ा उठाने की व्यवस्था अभी भी पूरी तरह चरमराई हुई है। कई सेक्टरों में एक ही गाड़ी कूड़ा कलेक्ट करती है, जो बढ़ती आबादी के लिहाज से नाकाफी है। मेयर और पार्षदों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर वार्ड में गाड़ियों की संख्या बढ़े और समय पर कलेक्शन हो। जिसपर अक्सर सवाल उठते रहते हैं।
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सड़कों की रिकार्पेटिंग और गारंटी का पेंच
सड़कों का निर्माण तो हो जाता है लेकिन टेंडर की शर्तों के अनुसार गारंटी के समय में उनकी मरम्मत नहीं हो पाती। मेयर खुद इस फील्ड के जानकार हैं। लोगों को उनसे उम्मीद है कि वे अधिकारियों की लापरवाही पर नकेल कसेंगे और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करेंगे।

50 साल पुरानी पाइपलाइन और 4 मंजिला इमारतों का बोझ
सीवर सिस्टम जल्द ही एचएसवीपी से नगर निगम के पास आने वाला है। शहर की पाइपलाइनें 50 साल पुरानी हैं, जो कम आबादी के हिसाब से डाली गई थीं। अब स्टिल्ट प्लस फोर निर्माण के कारण लोड बढ़ गया है, जिससे आए दिन सीवर चोक होने की समस्या रहती है। इसे अपग्रेड करना मेयर और पार्षदों के लिए सबसे बड़ा चैलेंज होगा।

हॉर्टिकल्चर वेस्ट और जलभराव
सेक्टरों में छंटाई के बाद पेड़ों का कचरा (हॉर्टिकल्चर वेस्ट) हफ्तों तक पड़ा रहता है। बारिश के समय यही कचरा नालियों और रोड-गलियों को जाम कर देता है। नियमित उठान न होना निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान है।

सफाई कर्मचारियों की मॉनिटरिंग और निगम कार्यालय
शहर में नियमित झाड़ू न लगने की शिकायतें आम हैं। अब पार्षदों को अपने वार्ड में सफाई कर्मचारियों का रोस्टर तैयार कर उनकी खुद मॉनिटरिंग करनी होगी। साथ ही, लंबे समय से लंबित नगर निगम के अपने नए कार्यालय के काम को पूरा कराना भी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
शहर के लिए बड़ा सिरदर्द कूड़ा प्रबंधन है। 13.24 एकड़ में 61 करोड़ की लागत से बनने वाला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट राजनीति और प्रशासनिक नीति की भेंट चढ़ चुका है। झूरीवाला से साइट बदलकर भानू ले जाने की चर्चाओं ने प्रोजेक्ट को डिब्बा बंद कर दिया है। जब तक यह प्लांट नहीं लगता, स्वच्छता रैंकिंग में पंचकूला का टॉप पर आने का सपना अधूरा ही रहेगा। अभी पटवी कूड़ा भेजा जा रहा है।

जल्द पूरा हो नगर निगम की बिल्डिंग
पंचकूला नगर निगम की इमारत लंबे समय से अधूरी पड़ी हुई है। फिलहाल निगम के कार्यालय तीन अलग-अलग सेक्टरों - 4, 12ए और 14 में बंटे हुए हैं। लोगों को अपने काम करवाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। निगम की एकल इमारत का निर्माण सेक्टर-3 में किया जा रहा था, लेकिन इसका काम भी अभी अधर में लटका है।
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कोट
बीस वार्डों की जनता ने मुझे शहर के मेयर के रूप में चुना है। मेरा और मेरी पार्टी का प्रयास रहेगा की पब्लिक की हर उम्मीद पर खरा उतरूं। -श्याम लाल बंसल, मेयर नगर निगम पंचकूला
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