गवर्नर वीपी सिह बदनौर अफसरों के साथ हालात का जायजा लेते हुए
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कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद हैं। वीरवार को पूरे दिन अधिकारी शहर के अलग-अलग हिस्सों में गश्त लगाते रहे। स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर खुद सड़क पर उतरे और प्रशासन के कार्यों की समीक्षा की। प्रशासक ने चंडीगढ़ फाइट्स कोरोना फंड की घोषणा करते हुए फंड में एक लाख रुपये का योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी से लड़ने में यह फंड कारगर साबित होगा।
प्रशासक ने शहरवासियों से अपील की कि अगर कोई व्यक्ति इस फंड में योगदान देना चाहता है तो वह यूटी के भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के बैंक खाते में चेक या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से धन जमा कर सकता है। इसके अलावा प्रशासक ने शहर के कुछ हिस्सों में जाकर दूध, सब्जी और राशन के सामान आदि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के प्रबंधों की जांच की।
वहीं, प्रशासन के अधिकारियों ने सेक्टर-26 होलसेल मार्केट और थोक मंडी का भी दौरा किया। इसके अलावा प्रशासन ने विभिन्न सेक्टरों और पेरीफेरी एरिया में सीटीयू की 70 बसों से वीरवार को डोर-टू-डोर फल और सब्जियों की बिक्री कराई। सभी बसों में दो या तीन वेंडरों को पुलिस के साथ भेजा गया था। प्रशासक ने घरों में दूध वितरण की भी समीक्षा की।
कर्फ्यू का हो सख्ती से पालन : बदनौर
प्रशासक ने कर्फ्यू का सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को मोहाली और पंचकूला के जिला प्रशासन के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, ताकि इन दोनों जिलों से शहर में अनावश्यक आवाजाही न हो। प्रशासक ने जीएमएसएच -16, जीएमसीएच-32 और पीजीआई में चिकित्सा व्यवस्था की भी समीक्षा की। यह निर्णय लिया गया कि कोरोना रोगियों के लिए आवश्यकतानुसार और जब भी आवश्यक हो, पर्याप्त बेड और आइसोलेशन वार्ड को तैयार रखा जाएगा।