पंजाब के नाम रविवार को एक और उपलब्धि जुड़ गई। पंजाब देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जो किसानों को डिजी लॉकर की सुविधा प्रदान करेगा। डिजी लॉकर पर उपलब्ध किसानों का जे-फार्म अब योग्य दस्तावेज के रूप में माना जाएगा। इससे 10 लाख किसानों को लाभ होगा।
मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह ने बताया कि किसानों को डिजी लॉकर एप डाउनलोड करने और अपना वर्चुअल जे-फार्म सेव करने की जरूरत है। यदि कोई किसान पंजीकरण फॉर्म घर भूल जाता है या उसका दस्तावेज गुम हो जाता है तो चेकिंग के समय इसे दिखा सकता है। यह मान्य होगा। जब आवेदनकर्ता का जे-फार्म आढ़तियों द्वारा मंजूर हो जाता है तो उसे फोन पर इसका संदेश मिलता है। यह फार्म भी एप में से डाउनलोड किया जा सकता है।
चेयरमैन ने बताया कि डिजी लॉकर में डिजिटल जे-फार्म का प्रयोग वित्तीय संस्थाओं से लेन-देन और ऑनलाइन वेरिफिकेशन में किया जा सकता है। इनकम टैक्स छूट, सब्सिडी दावा, किसान बीमा आदि की सुविधाएं भी इससे ली जा सकती है। डिजी लॉकर भारत सरकार के प्रमुख प्रोग्राम डिजिटल इंडिया के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब नहीं देना होगा जुर्माना
इसके अलावा डिजिटल पंजाब मुहिम के लक्ष्यों को पूरा करने के साथ यह प्रणाली भ्रष्टाचार को भी खत्म करेगी। जे-फार्मों की हार्ड कॉपी उपलब्ध न होने की सूरत में लोगों को भारी जुर्माने नहीं देने पड़ेंगे।
विभागों को दी गई जानकारी
पंजाब मंडी बोर्ड के सचिव रवि भगत ने बताया कि मंडी बोर्ड की तरफ से इस संबंध में अलग-अलग विभागों को पत्र भेजा गया था। अधिकारियों को यह भी कहा है कि मौके पर जांच के समय स्मार्टफोन पर उपलब्ध वर्चुअल जे-फार्म को जायज माना जाए। इसकी मंजूरी के संबंध में आम लोगों को जागरूक करने के लिए मार्केट कमेटी दफ्तरों के नोटिस बोर्डों पर यह जानकारी दी जाएगी।