हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी ट्रायल कोर्ट को आदेश जारी कर दिए हैं कि जिन आरोपियों को हाईकोर्ट या अन्य कोर्ट्स से जमानत मिल चुकी है उन्हें तत्काल प्रभाव छोड़ दिया जाए और उन पर फ़िलहाल श्योरिटी बांड्स को भरे जाने की शर्त लगाए जाने की जरूरत नहीं है। जैसे ही कोरोना वायरस का संकट ख़त्म हो जाएगा और अदालतें नियमित रूप से शुरू हो जाएंगी तब आरोपी अपने श्योरिटी बांड भर सकते हैं।
जस्टिस हरनरेश सिंह गिल ने सोम्बर को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही सभी जिला एवं सेशन जजों को निर्देश भी दिए हैं कि वह हाईकोर्ट के इस आदेश के बारे में पुलिस और जेल अथारिटी को सूचित करें। इसके साथ ही जेल अथॉरिटी को भी आदेश दे दिए गए हैं कि वह आरोपी को जमानत पर छोड़ने से पहले कोरोना वायरस को लेकर जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें जिसमे सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने और कम्युनिटी ट्रांसमिशन न हो इसको लेकर सभी निर्देशों का पालन किया जाए।
इसके साथ ही हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी सेशन जजों को निर्देश दिए हैं कि वह आधिकारिक वेबसाइट पर सीजेएम/ड्यूटी मजिस्ट्रेट और अन्य न्यायिक अधिकारी जो ड्यूटी पर है उसका कॉन्टेक्ट नंबर और ई-मेल आई.डी. भी जारी करे और इन आदेशों के बारे में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सेशन जजों, डीजीपी, डीजीपी (जेल) सहित सभी जेल अधीक्षकों को सूचित करें।
हाईकोर्ट ने यह आदेश एक आरोपी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उसे चंडीगढ़ और मोहाली की कोर्ट से जमानत मिल जाने के बाद भी रिहा नहीं किया जा रहा है क्योंकि उनकी जमानत के आदेशों को कोरोना वायरस के चलते अदालतों के बंद होने के कारण अपलोड ही नहीं किया गया है।