1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाने पर साइबर पुलिस की टीम ने 7.24 लाख रुपये फ्रीज करवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने सेक्टर-19 निवासी से साढ़े नौ लाख रुपये ठगने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद सरफराज (24) पश्चिम बंगाल के हावड़ा निवासी के रूप में हुई है। आरोपी 8वीं पास है। आरोपी के पास से 11 डेबिट कार्ड, दो मोबाइल, फर्जी दस्तावेज और सिम कार्ड मिले है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से कई और जानकारी जुटाने में लगी है।
आरोपी अकाउंट खरीदकर देता था ठगी को अंजाम
स्टेट साइबर क्राइम के एसपी अमित दहिया ने बताया कि आरोपी दूसरे व्यक्ति का बैंक अकाउंट खरीदता था। अकाउंट में ठगी का पैसा आते ही अकाउंट को बंद कर देता था। इस्तेमाल मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डेबिट कार्ड को नदी में फेंक देता था, ताकी पुलिस उसे गिरफ्तार न कर पाए। पुलिस जिन-जिन बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करता था, उसके रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस को आरोपी के पास से 20 हजार रुपये कैश मिले हैं। आरोपी ऑनलाइन फेक आईडी बनाता था, लोगों को डरा धमकाकर या फिर बहलाकर उनके साथ आरोपी साइबर ठगी का काम करता था। एसपी दहिया ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में दो साइबर एसटीएफ की टीमों को साइबर ठगी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैनात किया है। आरोपी के दूसरे साथी की भी पुलिस तलाश कर रही है।
आरोपी ने एक घंटे बात करते निकाले पैसे
आरोपी ने बैंक अधिकारी बन कर दोपहर 12 बजे पीड़ित को फोन किया। एक घंटे की बात के दौरान 9.50 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद बैंक से पीड़ित को पैसे निकालने के बारे में जानकारी दी गई। पीड़ित ने 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई। साइबर पुलिस की टीम ने बैंक से संपर्क कर 9.50 लाख रुपये में से 7.24 लाख रुपये को फ्रीज करवाया है। एटीएम के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को बैंक में बुलाकर स्टेट साइबर थाना पुलिस एसएचओ सूरज चावला ने आरोपी हावड़ा से गिरफ्तार किया।
95 सौ फर्जी अकाउंट मिले
पुलिस के अनुसार, प्रदेशभर के कुल 9500 फर्जी बैंक अकाउंट मिले हैं। अब साइबर पुलिस उन फर्जी अकाउंट में कितने का ट्रांजेक्शन हुआ है बैंक से उसका डाटा ले रही है। इसके अलावा किसके नाम पर फर्जी बैंक अकाउंट खोला गया है, इसके बारे में पुलिस पता कर रही है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड होते ही तुरंत एचडीएफसी के अधिकारियों की मदद से कोलकाता के एटीएम का सीसीटीवी फुटेज हासिल किया। सीसीटीवी फुटेज हासिल करने के बाद स्टेट साइबर थाना की टीम काेलकाता पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया।
पीड़ित के अकाउंट में ट्रांसफर होगी राशी
स्टेट साइबर क्राइम थाना के एसएचओ सूरज चावला ने बताया कि साइबर फ्राड के दौरान खाते में फ्रीज हुई राशि बैंक सीधा पीड़ित के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करता है। इसके लिए पुलिस बैंक को फ्रीज राशि को पीड़ित के अकाउंट में ट्रांसफर करने का नोटिस भेजता है।