चंडीगढ़। टीकरी बॉर्डर पर बंगाली युवती से दुष्कर्म के आरोपी अंकुर को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और हिरासत में पूछताछ जरूरी है, ऐसे में आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
याचिका दाखिल करते हुए अंकुर ने कहा था कि इस मामले में उसे फंसाया गया है। उसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके जवाब में बहादुरगढ़ के डीएसपी ने हाईकोर्ट को बताया कि युवती और उसके पिता के बीच की बातचीत की रिकार्डिंग पुलिस को उपलब्ध करवाई गई थी। रिकार्डिंग के अनुसार जब वह ट्रेन से टीकरी बॉर्डर की ओर जा रहे थे तो अंकुर ने उससे छेड़छाड़ की थी। इसके बाद टीकरी बॉर्डर पहुंचने पर उसे अंकुर व अन्य के साथ टेंट साझा करना पड़ा था। इस दौरान अंकुर लगातार .युवती पर दबाव बनाते हुए ब्लैकमेल कर रहा था। इस बारे में युवती ने अपने साथियों से भी बात की थी। इसके बाद पीड़िता कोरोना से संक्रमित हो गई और उससे उसकी मौत हो गई थी। पीड़िता के पिता की शिकायत पर बहादुरगढ़ पुलिस ने अंकुर के खिलाफ केस दर्ज किया था।