साक्ष्यों के अभाव में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज था मामला
आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका अभियोजन पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नाबालिग से दुष्कर्म, नशीला पदार्थ पिलाने और गर्भपात कराने के आरोपों में घिरे युवक को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने आरोपों की पुष्टि न होने और पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर यह फैसला सुनाया। बरी हुए युवक की पहचान सनी कुमार के रूप में हुई है।
मामला 8 जुलाई 2024 का है। पीड़िता की मां की शिकायत पर सेक्टर-14 थाना पुलिस ने सनी कुमार के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। शिकायत में आरोपी पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और गर्भपात कराने के आरोप लगाए गए थे। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर बरी करने का आदेश दिया।