पंचकूला। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत पेश करने में असफल रहा।
मामला अप्रैल 2019 का है, जब 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी ने लड़की को बहला-फुसलाकर सुनसान कोठी में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। जांच और ट्रायल के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की कहानी और गवाहों के बयानों में कई विसंगतियां पाई।
पीड़िता और उसकी मां के बयान प्रारंभिक एफआईआर और पुलिस जांच से अलग थे, और उनमें दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता का भी उल्लेख था। अदालत ने कहा कि आरोप बिना संदेह के साबित नहीं हो पाए। गवाहों के बयानों में विरोधाभास होने के कारण आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।