चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों व कार्यकर्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर टिप्पणी के खिलाफ सोमवार को बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान आप नेताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इसमें कई आप नेता घायल हो गए। इस दौरान पुलिस ने मंत्रियों, विधायकों समेत नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया जिन्हें थोड़ी देर बाद रिहा कर दिया गया।
आप नेताओं ने सेक्टर-4 एमएलए हॉस्टल से प्रदर्शन की शुरुआत की जिसके बाद सेक्टर-8 स्थित नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा के घर तक कूच करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें हॉस्टल के गेट पर ही रोक लिया और आगे बढ़ने से रोकने के लिए पानी की बौछार भी की। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि मेरे पिता एक बैंड मास्टर थे। उन्होंने कड़ी मेहनत से हमें पढ़ाया। मैं सरकारी स्कूल में पढ़कर और अपनी काबिलियत के दम पर यहां पहुंचा हूं। बाजवा कह रहे हैं कि बैंड बजाने वाले के बेटे का बैंड बजा देंगे जिसकी उनकी घटिया मानसिकता का पता चलता है। यह सिर्फ मेरा नहीं बल्कि पूरे दलित समुदाय का अपमान है।
हरभजन ईटीओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था लेकिन उन्होंने माफी नहीं मांगी। हम उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे। मंत्री हरभजन ईटीओ की पत्नी सुरिंदर कौर ने कहा कि बाजवा ने हमारे पैतृक काम पर गलत टिप्पणी की है। बाजा बजाने वाला कहकर इस काम को नकारा है। कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता।
कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने परिवारवाद को दिया बढ़ावा : चीमा
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस दौरान आरोप लगाया कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसी पार्टियों ने हमेशा परिवारवाद को बढ़ावा दिया है। आप ने इस धारणा को तोड़कर आम घरों के शिक्षित युवाओं को विधानसभा और कैबिनेट तक पहुंचाया है। इस विरोध का मकसद उन लोगों की सोच को पूरी दुनिया के सामने लाना है जो दलितों से नफरत करते हैं। उन्होंने कहा कि 2027 में पंजाब की जनता इन अहंकारी और परिवारवादी पार्टियों को एक बार फिर करारा सबक सिखाएगी। प्रदर्शन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर, मोहिंदर भगत, डॉ रवजोत, विधायक शैरी कलसी, कुलजीत रंधावा, इंद्रवीर सिंह निज्जर, नीना मित्तल, लाभ सिंह, चेतन जोड़ेमाजरा, इंदरजीत कौर, चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट, सनी सिंह अहलूवालिया समेत सैकड़ों नेता व वर्कर मौजूद थे।