चंडीगढ़। छेड़छाड़ और मारपीट के 12 साल पुराने मामले में मिली चार साल की सजा के आदेश पर रोक की मांग को लेकर दाखिल आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को उन्हें राहत नहीं दी। कोर्ट ने याचिका पर अब 28 अक्तूबर को सुनवाई तय की है।
आरोप के अनुसार 3 मार्च 2013 में गांव उसमां की महिला अपने पिता व परिवार के अन्य सदस्यों सहित विवाह समारोह में भाग लेने के लिए पंजाब इंटरनेशनल पैलेस में पहुंची थी। इस दौरान वहां पर मौजूद टैक्सी चालकों द्वारा पीड़ित महिला के साथ छेड़छाड़ की गई थी। विरोध करने पर टैक्सी चालकों ने उनसे मारपीट की। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी बीच सड़क पर परिवार के साथ मारपीट की थी। आरोपी टैक्सी चालकों में मनजिंदर सिंह लालपुरा भी थे। लालपुरा 2022 में खडूर साहिब हलके से आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए थे। इसी महीने 10 सितंबर को तरनतारन की अदालत ने विधायक लालपुरा को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई थी।
सजा के इस फैसले को अब लालपुरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची ने कहा कि यदि सजा पर रोक नहीं लगती है तो उनकी विधानसभा सदस्यता जा सकती है। पंजाब सरकार और अन्य प्रतिवादियों को याचिका पर 28 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करना होगा।