रायपुररानी। गांव शाहपुर में रविवार की रात एक अनूठे आयोजन का गवाह बनी, जहां सामूहिक विवाह और कव्वाली कार्यक्रम ने माहौल को भावुकता और उल्लास से भर दिया। इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न धर्मों के 11 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें 3 हिन्दू और 8 मुस्लिम जोड़े शामिल थे। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक साहब सिंह उर्फ बाबू भगत ने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देकर कन्यादान किया।
इस अवसर पर गांव में एक विशाल पंडाल लगाया गया था, जहां हिन्दू जोड़ों के फेरे और मुस्लिम जोड़ों के निकाह एक ही छत के नीचे सम्पन्न हुए। इस समावेशी आयोजन ने सामाजिक एकता और सद्भाव की मिसाल पेश की। विवाह में जिन जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंधने की सौगंध ली, उनमें मेघराज-काजल, सोहेल-जीनत, संटी-स्वाति, अभिषेक-संजना, साहिल-आशा, इरफान-आसमीन, सोहेल-साहिबा, शाहनवाज-अफसाना, शौकीन-मेहरुणा, आफताब-सानिया और आसिफ-शबनम शामिल हैं।
कार्यक्रम की खास बात रही कव्वाली संध्या, जिसमें मशहूर कव्वाल असलम अंदाज ने दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है, मैं जट यमला पगला दीवाना जैसे लोकप्रिय गीत गाकर समा बांध दिया। कव्वाली की धुन पर बाराती झूमते नजर आए और पूरा माहौल संगीतमय हो गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जीत बारी नंबरदार, श्यामलाल मंगल (पैक्स सदस्य), किरण अग्रवाल, राकेश गुप्ता, लवली गुप्ता, शीशपाल शर्मा, राज अग्रवाल (प्रधान अग्रवाल सभा) राकेश गर्ग, अभिषेक चौहान, आशू हलवाई, विवेक गोयल, रविन्द्र सिंह, मामराज भगत और दीपक शर्मा का विशेष योगदान रहा। आयोजक बाबू भगत ने दिल से आभार व्यक्त किया।