‘दिल्ली में ऐसा लगता है कि 99 प्रतिशत लोग कड़वा बोलते हैं, जिस ऑफिसर ने उन लोगों के बीच काम कर लिया समझो उसने बहुत मेहनत की है। इसलिए अफसरों ने अब उन्हें चंडीगढ़ भेज दिया है। यहां आते ही एक हफ्ते में पता चला कि चंडीगढ़ कितना साफ सुथरा और सकून का शहर है।’
यह बातें मुख्य अतिथि के रूप में आए डीजीपी संजय बेनीवाल ने चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशंस वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) की मीटिंग के दौरान कहीं। उन्होंने शहरवासियों को ई-साथी ऐप का इस्तेमाल कर एरिया बीट पुलिस से संपर्क बनाए रखने का अनुरोध किया।
रविवार को बैठक सेक्टर-15 स्थित सामुदायिक केंद्र में क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य चंडीगढ़ में कानून व्यवस्था बनाए रखना था। इसमें आरडब्ल्यूए के 80 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। डीजीपी बेनीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ की जनसंख्या करीब 16 लाख है। ऐसे में कम से कम 10 लाख शहरवासियों को तो ई-साथी ऐप डाउनलोड करना चाहिए।
ई-साथी ऐप में अपना नाम, पता रजिस्टर कर सीधे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही इस ऐप से नौकरों की वेरिफिकेशन भी करना आसान होता है। अगर पुलिस आपको ऐसी सुविधा दे रही है तो इसका फायदा जरूर लें। इस मौके पर डीजीपी संजय बेनीवाल ने जनसंपर्क सलाहकार डॉ. एचके खरबंदा को सम्मानित किया।
शहरवासी बीट इंचार्ज से करें मीटिंग
डीजीपी ने कहा कि शहर को क्राइम मुक्त बनाने के लिए पुलिस उनकी मदद करने के लिए है। आपके इलाके में होना वाला अपराध सबसे पहले आपको पता चलता है। इन पर रोक लगाने के लिए रेजीडेंट्स को एरिया पुलिस बीट बॉक्स इंचार्ज के साथ मीटिंग कर पूरा प्लान तैयार करना चाहिए। साथ ही अगर आपके एरिया में कोई संदिग्ध घूम रहा है तो आप उससे पूछें कि वह यहां क्या करने आया है। ऐसे में उस व्यक्ति के मन में भी डर होगा। मामला ज्यादा गंभीर हो तो फौरन पुलिस को सूचित करें।
लड़ाई के केसों में थाने आने की जरूरत नहीं
पड़ोसियों या फिर घर में छुटपुट झगड़ा होना आम बात है। हर सेक्टर में चार से पांच बीट बॉक्स हैं। ऐसे में अगर झगड़े का केस है तो सीधे पुलिस बीट बॉक्स में अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। वहीं पर पुलिस कार्रवाई शुरू कर देगी।
सीसीटीवी लगवाना अनिवार्य
क्राफ्ड प्रवक्ता डॉ. अनीश गर्ग ने कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है जो धर्म के नाम पर भीख मांग रहे हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरों लगाना अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। वहीं, हितेश पुरी ने कहा कि जल टैरिफ और संपत्ति कर की प्रस्तावित वृद्धि को एक बार में लागू नहीं किया जाना चाहिए बल्कि उपकर व करों में किसी भी भविष्य में वृद्धि को लागू करने से पहले निवासियों, आरडब्ल्यूए और फेडरेशन के साथ परामर्श किया जाना चाहिए। लावारिस कुत्तों की प्रभावी नसबंदी की जानी चाहिए। यह मुद्दा आने वाले समय में प्राथमिकता के एजेंडे में होगा।
इन मुद्दों पर हुई बैठक
1. अपने एरिया के आरडब्ल्यूए के सदस्यों के साथ बीट इंचार्ज की नियमित बैठक।
2. अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा।
3. सीसीटीवी कैमरों को अपने घरों के बाहर जरूर लगाएं।
4. ऑटो और कैब में यात्रियों की सुरक्षा।
5- डिलीवरी ब्वाय की पहचान होनी चाहिए।