पिंजौर की रतपुर कॉलोनी में भी 10 नवंबर को लावारिस कुत्ते ने एक पांच वर्षीय बच्ची को बुरी तरह काटकर घायल कर दिया था। परिजन घायल बेटी को सिविल अस्पताल-6 लाए थे। इससे पहले भी एक बच्चे के चेहरे को कुत्ते ने बुरी तरह नोच लिया था। इससे उसका गाल और होंठ बुरी तरह कट गया था। पीजीआई में बच्चे की सर्जरी करनी पड़ी थी।
बच्चों के लिए हैं खतरे वाले पार्क और ग्राउंड
बच्चों के लिए यहां के पार्क और ग्राउंड सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि जिला प्रशासन और नगर निगम कुत्तों से नौनिहालों की जिंदगी बचाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा सका है। हर बार केवल वादे कर लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जाता।
कभी मुआवजा तो कभी इलाज खर्च और कभी केवल सांत्वना जता दी जाती है। समय गुजरने के साथ चिंता का विषय बने डॉग बाइट के ये मामले ठंडे पड़ जाते हैं और फिर से जिम्मेदार पदाधिकारी व नगर निगम विकल्प की तलाश के बजाय रोजमर्रा के आम कार्यों में लग जाती है।