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पंचकूला में फिर पांच साल के बच्चे को कुत्ते ने नोंचा, डॉग बाइट पर प्रशासन नहीं लगा पा रहा लगाम

Sat, 16 Nov 2019 04:16 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
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कुत्ते के काटने से घायल नितेश। - फोटो : अमर उजाला
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शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। प्रशासन और नगर निगम का बच्चों और आमजन को कुत्तों से बचाने के लिए कोई विकल्प तलाश नहीं कर पाना। नतीजतन लावारिस कुत्ते बच्चों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। शुक्रवार को फिर एक बार लावारिस कुत्ते ने एक पांच वर्षीय बच्चे को काटकर उसकी जान खतरे में डाल दी। कुत्ते ने बच्चे के सिर, चेहरे और हाथ का मांस नोंच लिया।

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घायल बच्चा पांच वर्षीय नितेश है। बच्चे के परिजन गांव दबकोरी के एक पॉल्ट्री फॉर्म में लेबर का काम करते हैं। नितेश भी दोपहर को वहीं खेल रहा था। उसी समय वहां एक लावारिस कुत्ता आ गया और उसने बच्चे पर हमला कर दिया।

मासूम नितेश कुत्ते से जूझता रहा, लेकिन जब तक परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंचते कुत्ते ने बच्चे के सिर, आंख के पास और हाथ का मांस नोचकर उसे घायल कर दिया। बच्चे को तुरंत सिविल अस्पताल-6 लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देख उसे जीएमसीएच चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।

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कुत्ते ने पिंजौर में पांच वर्षीय बच्ची पर किया था हमला

पिंजौर की रतपुर कॉलोनी में भी 10 नवंबर को लावारिस कुत्ते ने एक पांच वर्षीय बच्ची को बुरी तरह काटकर घायल कर दिया था। परिजन घायल बेटी को सिविल अस्पताल-6 लाए थे। इससे पहले भी एक बच्चे के चेहरे को कुत्ते ने बुरी तरह नोच लिया था। इससे उसका गाल और होंठ बुरी तरह कट गया था। पीजीआई में बच्चे की सर्जरी करनी पड़ी थी।

बच्चों के लिए हैं खतरे वाले पार्क और ग्राउंड
बच्चों के लिए यहां के पार्क और ग्राउंड सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि जिला प्रशासन और नगर निगम कुत्तों से नौनिहालों की जिंदगी बचाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा सका है। हर बार केवल वादे कर लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जाता।

कभी मुआवजा तो कभी इलाज खर्च और कभी केवल सांत्वना जता दी जाती है। समय गुजरने के साथ चिंता का विषय बने डॉग बाइट के ये मामले ठंडे पड़ जाते हैं और फिर से जिम्मेदार पदाधिकारी व नगर निगम विकल्प की तलाश के बजाय रोजमर्रा के आम कार्यों में लग जाती है।
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