पंचकूला। शहर में पर्यावरण संरक्षण और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से नगर निगम की ओर से पंचकूला शहरी क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए साइकिल ट्रैक और सार्वजनिक साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। 2.08 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद दो सौ साइकिले सेक्टर -12 कम्युनिटी सेंटरों में खड़ी हैं। यह प्रोजेक्ट बंद होने से लोगों को परेशानी हैं।
शहर के 20 सेक्टरों में साइकिल ट्रैक विकसित किए गए ताकि लोग छोटी दूरी के लिए वाहनों के बजाय साइकिल का उपयोग करें। इसके साथ ही सार्वजनिक साइकिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू की गई थी। शुरुआत में लोगों ने इसका उपयोग किया लेकिन रखरखाव और संचालन में कमी के कारण यह योजना धीरे-धीरे ठप हो गई। इसके बाद स्टैंड भी बंद कर दिए गए। सेक्टर -12 कम्युनिटी सेंटरों में साइकिलें लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने के कारण खड़ी है। अभी तक सार्वजनिक साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट को नियमित रूप से संचालित किया जाता तो हजारों नागरिकों को इसका लाभ मिलता।
- नगर निगम ने 2.08 करोड़ रुपये खर्च कर आधारभूत ढांचा तो तैयार कर दिया, लेकिन उसके संचालन और रखरखाव के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई। परिणामस्वरूप पूरा प्रोजेक्ट बंद होने की कगार पर पहुंच गया। मांग की है कि साइकिल शेयरिंग सेवा को दोबारा शुरू किया जाए और ट्रैकों की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए।
- एसके नैय्यर
- नगर निगम की साइकिल शेयरिंग परियोजना सुबह शाम सैर करने वाले बुजुर्गों, छात्र, कामकाजी महिलाएं और फिटनेस प्रेमी मोबाइल एप के जरिए मामूली शुल्क देकर इस्तेमाल करते थे। लेकिन इसके बंद होने के बाद अन्य साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया गया।
सुनील कुमार, सेक्टर -12
शहर में पब्लिक साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट को जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। जल्द ही किसी कंपनी को टेंडर देकर लोगों को साइकिल चलाने के लिए दिए जाएंगे। निगम इसके लिए जल्द मीटिंग करेंगा। - विनय कुमार, कमिश्नर, नगर निगम पंचकूला