पंचकूला। ढाई वर्षीय बेटी की हत्या के आरोप में दोषी ठहराए गए पिता को अदालत ने शुक्रवार को उम्रकैद और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। धन्ना राम को बेटी की हत्या के लिए वीरवार को दोषी करार दिया गया था, जबकि दुराचार के आरोप से उसे बरी कर दिया गया था।
अदालत में दाखिल पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक धन्ना राम इंदिरा कालोनी में अपने परिवार के साथ रहता था। 15 नवंबर की रात घर पर सभी सो रहे थे। इसी बीच करीब ढाई बजे उसकी नींद खुली और बेटी के साथ गलत हरकत करने लगा। इतने में वह रोने लगी। रोने की आवाज से उसकी पत्नी रीटा की नींद खुल गई। रीटा ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन धन्नाराम नहीं माना। रीटा ने दोबारा उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने पहले पत्नी पर वार किया और फिर बेटी को तवा से पीट-पीटकर मार दिया। पुलिस ने हत्या के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके सपने में एक देवी प्रकट हुई और उसे अपनी बेटी की हत्या करने को कहा। पुलिस पूछताछ में उसने दुराचार की बात भी स्वीकारी थी, लेकिन ट्रायल के दौरान वह मुकर गया था। 11 फरवरी 2012 को धन्ना राम के खिलाफ आरोप तय हुए थे।