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दवाई को तरसे मरीज

Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
Panchkula
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पंचकूला। मरीजों को सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे करने वाले स्वास्थ्य विभाग की असली तस्वीर जनरल अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर पहुंचने पर साफ हो जाती है। यहां पर बुखार, जुकाम, खांसी की गोली के साथ ही ओआरएस के पैकेट और हार्ट व मधुमेह की दवाइयों का टोटा है। मरीजों को इन साधारण सी दवाइयां लेने के लिए बाजार के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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मौजूदा सीजन में रोजाना करीब 60-70 मरीज डायरिया की चपेट में आकर जनरल अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा करीब 100 से ज्यादा बुखार, खांसी, जुकाम की समस्या लेकर इलाज के लिए आ रहे हैं। ओपीडी में बैठे डाक्टर मरीजों को उनके कार्ड में दवाइयां लिख रहे हैं, लेकिन जब मरीज या उनके तीमारदार मेडिकल स्टोर पर पहुंचते हैं तो उनको दवाइयां नहीं मिल रही हैं। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को सामान्य सी बुखार की पैरासिटामॉल की दवाई लेने के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। यहीं स्थिति चाइल्ड ओपीडी की भी है। बच्चों के लिए उपलब्ध रहने वाले ओआरएस के पैकेट भी स्टोर में मौजूद नहीं हैं। नाम न छापने की शर्त पर स्टोर पर बैठी एक फॉर्मासिस्ट ने बताया कि इस समय अस्पताल में हार्ट, मधुमेह की दवाइयां, आयरन और कैल्शियम की गोलियां नहीं हैं।
जन औषधि केंद्र में भी दवाइयां नहीं
रेडक्रास सोसाइटी की ओर से संचालित जन औषधि केंद्र में भी दवाइयां नहीं हैं। स्टोर से दवाई नहीं मिलने के बाद मरीज अस्पताल परिसर में बने जन औषधि केंद्र में दवाई के लिए जाते हैं, लेकिन वहां भी कुछ ही दवाइयां मुहैया हो पाती हैं।
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कोट
कुछ दवाइयों की कमी चल रही है। आर्डर दे दिए गए हैं। एक या दो दिन में दवाइयां आ जाएंगी।
डा. उषा गुप्ता, प्रिंसिपल मेडिकल आफिसर, जनरल अस्पताल
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