गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी व गुरुद्वारा डांगमार पर एसजीपीसी से मांगी जाएगी रिपोर्ट : हरप्रीत सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार बोले-दोनों गुरुद्वारे बाबा नानक जी से हैं संबंधित
गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर गुरुमति सिद्धांतों का होगा प्रचार
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि वह जल्द ही श्री गुरु नानक देव जी से संबंधित दो गुरुद्वारा साहिब ज्ञान गोदड़ी व गुरुद्वारा डांगमार के मामले कि रिपोर्ट शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से ली जाएगी। अपने ऑफिस में मीडिया से बातचीत में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर गुरु साहिबान से संबंधित इन ऐतिहासिक स्थानों के हालत पर विचार करना जरूरी है। इसलिए वह इन दो गुरुद्वारों कि रिपोर्ट मिलने के बाद उचित निर्णय करेंगे। याद रहे गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी हरिद्वार की हर की पौड़ी पर सुशोभित था। लेकिन 80 के दशक में इसे तोड़ दिया गया था। इस गुरुद्वारे के निर्माण के लिए सिखों के डेलिगेट उत्तराखंड के मुख्य मंत्री से मिलते रहे हैं। इसके बावजूद गुरुद्वारे का निर्माण नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के प्रकाश पर्व पर स्कूलों, कॉलेज के स्टूडेंट की टीम बनाकर गुरमति सिद्धांतों, सिख मर्यादा व गुरमति विचारधारा के बारे में सवाल जवाब शुरू किए जाएंगे। विद्यार्थियों के दिलों में सिख धर्म के बारे में उठ रहे सवाल के जवाब दिए जाएंगे। सिख धर्म के प्रचारकों की एक टीम भी साथ होगी। सिख धर्म की जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जाएगा। एसजीपीसी को निर्देश दिए जाएंगे की वह दुनिया की विभिन्न भाषा में छोटी छोटी फिल्म बनाकर सोशल मीडिया में डाली जाएं, ताकि गुरु साहिबान की शिक्षा का प्रचार हो सके।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा वह जल्द ही सिखों के अलग अलग संगठनों की एक बैठक बुलाने जा रहे हैं। इसमें सभी संगठनों के मुखियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पतित सिखों को मुख्य धारा में शामिल होने के लिये प्रेरणा दी जाएगी। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि सिख धर्म के रास्ते कमजोर क्यों हो रहे हैं?