पंचकूला गए आढ़ती नहीं माने, परवाणू के आढ़तियों को दिया न्योता
मार्केट कमेटी के चेयरमैन, पूर्व चेयरमैन और अधिकारी गए परवाणू मंडी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर से पंचकूला गए सेब आढ़ती यहां आकर कारोबार करने को तैयार नहीं हैं। वे दो प्रतिशत मार्केट फीस खारिज करने की मांग पर अड़े हैं। इसे देखते हुए सोमवार को मार्केट कमेटी के चेयरमैन जुझार सिंह, पूर्व चेयरमैन रामवीर भट्टी और अधिकारी परवाणू मंडी जाकर वहां के आढ़तियों को यहां आकर कारोबार करने का न्योता दिया। वहीं परवाणू के आढ़तियों ने कहा कि वह मंगलवार को बैठक कर इस बारे में बताएंगे। हरियाणा की तरह हिमाचल प्रदेश में भी दो प्रतिशत मार्केट फीस चार्ज नहीं की जाती है।
मालूम हो कि प्रशासन को हर साल सेब सीजन से मार्केट फीस के तौर पर तीन करोड़ रुपये की कमाई होती है। प्रशासन इसलिए मार्केट फीस खारिज करने का निर्णय नहीं ले रहा है, क्योंकि चंडीगढ़ में पंजाब एक्ट लागू होता है। पंजाब में फल-सब्जियों से मार्केट फीस चार्ज की जा रही है।
सब्जी एंड फल आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजमोहन का कहना है कि जब किसी अन्य राज्य में फल-सब्जियों पर मार्केट फीस नहीं है तो फिर चंडीगढ़ में क्यों चार्ज की जा रही है। इससे फल और सब्जी भी महंगी हो जाती है। प्रशासन इस फीस को खत्म कर दे तो वह सेक्टर-26 मंडी में वापस कारोबार करने आ जाएंगे।
मार्केट कमेटी के निदेशक एवं पूर्व चेयरमैन रामवीर भट्टी का कहना है कि वह गृहमंत्री की सलाहकार समिति के भी सदस्य हैं। इस मामले को वह 27 जुलाई को दिल्ली में होनी वाली बैठक में उठाएंगे।